2G घोटाले में सब बरी, 1 लाख 76 हजार करोड़ रुपये का था घोटाला

ए राजा

देश के सबसे बड़े 2G घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है. जज ने एक लाइन में अपना फैसला सुनाया. जज ओ. पी. सैनी ने कहा कि अभियोजन पक्ष मामले को साबित करने में नाकाम रहा. इस मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा और DMK चीफ एम. करुणानिधि की बेटी और राज्यसभा सांसद कनिमोझी को भी बरी कर दिया है. फैसला सुनाए जाते समय राजा और कनिमोझी पटियाला हाउस कोर्ट में मौजूद थे. उधर, कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि यह उनकी नैतिक जीत है.

फैसला सुनते ही राजा और कनिमोझी ने हाथ जोड़कर जज का शुक्रिया अदा किया. इस दौरान राजा और कनिमोझी के समर्थकों ने नारेबाजी भी की. समर्थकों ने राजा को कंधे पर उठा लिया और जश्न मनाया. कोर्ट में भी समर्थकों की भारी भीड़ थी. भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. अब बड़ा सवाल यह है कि CAG की रिपोर्ट में जिस घोटाले की बात की गई, उसके लिए जिम्मेदार कौन है?

जज ओ. पी. सैनी ने कहा, ‘पैसों का लेनदेन साबित नहीं हो सका इसलिए मैं सभी आरोपियों को बरी कर रहा हूं.’ दिलचस्प बात यह है कि कोर्ट ने यह नहीं कहा है कि घोटाला नहीं हुआ है. कोर्ट ने कहा कि आरोपों के हिसाब से एजेंसियां सबूत पेश करने में नाकाम रहीं. सीबीआई और ED के सूत्रों की ओर से कहा गया है कि फैसले का अध्ययन करने के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा.

यह फैसला राजनीतिक लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है. इसी मामले ने UPA-2 के समय देश की सियासत में भूचाल ला दिया था. सीधे तौर पर कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाए गए थे. आरोप लगाए गए थे कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पूरे मामले की जानकारी थी और वह इस पर चुप्पी साधे रहे. CAG की रिपोर्ट में 1 लाख 76 हजार करोड़ रुपये का घोटाला बताया गया था. सीबीआई की चार्जशीट में 30 हजार करोड़ के नुकसान की बात रखी गई थी. अब इस मामले में आए फैसले पर कांग्रेस फायदा उठाना चाहेगी. कांग्रेस पहले से ही ‘जीरो लॉस थिअरी’ की बात करती रही है.