उप्र की हिस्सेदारी वाली योजनाओं का विरोध करेगा उक्रांद

उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) की सर्किट हाउस में हुई केंद्रीय कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक हुई. जिसमें उत्तर प्रदेश को मिलनी वाली हिस्सेदारीयो का विरोध करेगा.

बैठक में, प्रदेश में जमरानी बांध जैसी उन सभी योजनाओं का विरोध और साथ में परिसंपत्तियों के बंटवारे के मामले में राज्य सरकार पर हीलाहवाली का आरोप भी लगाया गया. कहा गया कि केंद्र को तुरंत हस्तक्षेप कर उत्तराखंड को उसका हक दिलाना चाहिए. बैठक में किसानों के ऋण माफ करने और पलायन रोकने को गंभीरता से कदम उठाने की मांग जोर-शोर से उठाई गई.

केंद्रीय कार्यसमिति में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए उक्रांद के अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने बताया कि बैठक में राज्य की दुर्दशा के लिए अब तक की सरकारों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार को भी नौ माह का वक्त होने को है, लेकिन नौ कदम आगे बढ़ने की बजाय उसने राज्य को नौ सौ कदम पीछे धकेल दिया है. उप्र से परिसंपत्तियों के बंटवारे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महज एक होटल लेकर सरकार को इतराने की जरूरत नहीं. राज्य का हजारों करोड़ का हक उप्र के पास बंधक है. लिहाजा, राज्य की योजनाओं में उप्र की कोई हिस्सेदारी नहीं होनी चाहिए.

बैठक में गैरसैंण को राजधानी बनाने, मानव-वन्यजीव संघर्ष थामने को प्रभावी कदम उठाने, संविदा कर्मियों को नियमित करने, राज्य आंदोलनकारियों को चिह्नित करने की प्रकिया 30 जून तक बढ़ाने, आपदा प्रभावित किसानों को क्षति का उचित मुआवजा देने, खेतों में मलबा आने पर इसे हटाने का अधिकार किसान को देने समेत अन्य कई प्रस्ताव पारित किए गए.

उन्होंने कहा कि कर्ज के बोझ तले दबे किसान आत्महत्या कर रहे हैं, मगर सरकार ने उनकी सुध नहीं ली. उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों के कर्ज माफ करने और गांवों से पलायन थामने के मद्देनजर रोजगार के अवसर सृजित करने संबंधी सवालों को लेकर दल जोरदार संघर्ष करेगा.

दल के अध्यक्ष भट्ट ने कहा कि पूर्व में आपसी संवादहीनता और राष्ट्रीय दलों की घुसपैठ, दल के टूटन का कारण बनी थी, लेकिन अब सभी एक्सपर्ट हो गए हैं और विघटन नहीं होगा. दल में अनुशासनहीनता कतई सहन नहीं होगी. यही नहीं, क्षेत्रीय ताकतों को भी दल एकजुट करेगा.

बैठक में दल के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी, बीडी रतूड़ी, त्रिवेंद्र पंवार, डॉ.शक्तिशैल कपरवाण, जगदीश बुधानी, चंद्रशेखर कापड़ी, सरिता पुरोहित आदि मौजूद थे.