हंगामे ने की सचिन की बोलती बंद

पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद सचिन तेंदुलकर ने गुरुवार को पहली बार बहस में हिस्सा लिया. उम्मीद थी कि वह संसद में अपनी बात रखेंगे, लेकिन जोरदार बहस के चलते राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार के लिए स्थगित कर दी गई है. इसके चलते वह अपना डेब्यू भाषण नहीं दे पाए. विपक्ष लगातार पीएम मोदी द्वारा पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के मुद्दे पर हंगामा कर रहा है. जब सचिन अपने भाषण की शुरुआत करने वाले थे उसी वक्त विपक्ष ने जमकर हंगामा कर दिया. बढ़ते हंगामें को देखते हुए राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने लगातार विपक्ष से अपील की, जो व्यक्ति बोल रहा है वह भारत रत्न है, इसे पूरा देश देख रहा है. प्लीज़ शांत हो जाइए.

इसके बाद भी विपक्ष ने नहीं सुनी. बता दें कि सचिन 2012 में सांसद मनोनीत हुए थे. उसके बाद से लगातार राज्यसभा में सचिन की मौजूदगी पर भी सवाल उठते रहे हैं. सचिन की राज्यसभा में ये पहला भाषण था. सचिन तेंदुलकर अपनी पत्नी अंजलि के साथ राज्यसभा पहुंचे थे. सचिन के भाषण के दौरान कांग्रेस के रवैये पर समाजवादी पार्टी की नेता जया बच्चन ने नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि जिसने देश का नाम कमाया, उसे ही बोलने नहीं दिया गया.

बहस के दौरान सचिन देश में खेल और खिलाड़ियों को लेकर व्यवस्था, ओलंपिक की तैयारियों और किस तरह भारतीय खिलाड़ी दुनियाभर में अच्छा प्रदर्शन कर सकते है इस पर अपने विचार रखने थे. राज्यसभा में सचिन तेंदुलकर को बोलने नहीं देने पर सांसद जय बच्चन ने नाराजगी जताई है. जया बच्चन ने पूछा कि संसद में बोलने की आजादी क्या केवल नेताओं की है? राज्यसभा सांसद ने कहा कि सचिन को बोलने नहीं देना शर्म की बात है. सपा नेता ने कहा, ‘सचिन तेंदुलकर ने दुनिया भर में भारत के लिए नाम कमाया है. यह जानते हुए कि आज के एजेंडा में सचिन का नाम था और उन्हें बोलने नहीं दिया गया. यह शर्म की बात है. क्या केवल राजनीतिज्ञों को ही संसद में बोलने दिया जाएगा? सचिन के साथ यदि इस तरह का बर्ताव होगा तो वह सदन में क्यों आएंगे?’