हाई कोर्ट ने गोमुख में भूस्खलन होने पर सरकार से कि हलफनामे कि मांग

सांकेतिक फोटो

उच्च न्यायालय ने सरकार को गंगा नदी के उदगम गोमुख में भूस्खलन होने और झील बनने के खतरे के मामले में तीन सप्ताह में हलफनामा देने के लिए कहा है.इसके साथ, याचिकाकर्ता दिल्ली निवासी अजय गौतम को पूरक हलफनामा दर्ज करने का आदेश पारित कर दिया गया है.

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति परेश त्रिपाठी ने सरकार की तरफ से मुख्य न्यायाधीश जस्टिस के एम जोसेफ की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के सम्मुख जवाब दायर किया.जवाब में जिलाधिकारी उत्तरकाशी की ओर से सचिव आपदा प्रबंधन को भेजी आधिकारिक रिपोर्ट का उल्लेख किया गया है.

इस रिपोर्ट में, भागीरथी नदी के क्षेत्र ने किसी भी प्रकार के भूस्खलन और झील के बनने की रिपोर्ट को खारिज किया गया है.साथ ही कहा कि भागीरथी ने कोई रास्ता नहीं बदला है.अदालत में सर्वेक्षण रिपोर्ट और तस्वीरें भी पेश कि गई.
याची के पूरक हलफनामे दर्ज करने के लिए समय मांगने पर बेंच ने 10 जनवरी की अगली सुनवाई तय कर दी है.