दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए अब एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल करेगी केजरीवाल सरकार

दिल्ली में बढ़ती ठंड और प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार एंटी स्मॉग गन का सहारा ले रही है. जिसका ट्रायल रन आज पूर्वी दिल्ली के सबसे ज्यादा प्रदूषण वाले इलाके आनंद विहार आईएसबीटी पर किया जाएगा. इसके बाद डीटीयू और दूसरे प्रदूषित क्षेत्रों से स्मॉग हटाने में इसका इस्तेमाल किया जाएगा.

पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन के साथ उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने दिल्ली सचिवालय पर इस गन का ट्रायल सोमवार को किया था. हालांकि इसकी उपयोगिता को समझने के लिए अभी और ट्रायल लिए जाने का विचार है. इस एक मशीन की कीमत करीब 20 लाख है.

एंटी स्मॉग गन काफी ऊपर तक पानी का छिड़काव करते हुए धूल के कणों को साफ कर देती है. इस तरह की मशीनों का प्रयोग चीन और कुछ दूसरे देशों में भी हो रहा है. हरियाणा में भी पराली और इंडस्ट्री के धुएं से बचने के लिए एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जा चुका है.

पर्यावरण सचिव अनिल कुमार सिंह ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एजेंसियों और पक्षों की विस्तृत कार्ययोजना की समीक्षा के लिए बैठक में उपराज्यपाल अनिल बैजल को एंटी स्मोग गन के प्रायोगिक संचालन के बारे में बताया.

बैठक में उपराज्यपाल ने प्राधिकारों से 16 महीने की समय सीमा में निगमीय ठोस अपशिष्ट का पूरी तरह से प्रबंधन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. इसके साथ ही यह भी तय हो जाए कि योजना के क्रियान्वयन के लिए धन कहां से आएगा.

प्रदूषण की वजहों का पता लगाने के लिए निगम के 7 वॉर्ड में होमगार्ड और एनवायरनमेंट मार्शल तैनात किए जा रहे हैं. इनकी संख्या को बढ़ाकर 100 किया जाएगा और 50 वॉर्डों में इनकी तैनाती होगी.