अमरिंदर ने उठाया पाक में सिखों के जबरन धर्म परिवर्तन का मामला, सुषमा ने जताई चिंता

पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा के हंगू जिले में सिख समुदाय के लोगों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है. वहां का सरकारी अधिकारी लोगों को इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर कर रहा है. पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के ट्वीट करने के बाद मामला गर्मा गया है. कैप्टन ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पाकिस्तान सरकार से बात करने को कहा है. ऐसी खबरों का संज्ञान लेते हुए सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, ‘भारत यह मुद्दा पाकिस्तान सरकार के समक्ष शीर्ष स्तर पर उठाएगा.’

पाकिस्तान के कुछ अखबारों और न्यूज चैनलों की रिपोर्ट में कहा गया है कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के हंगू जिले के असिस्टेंट कमिश्नर (तहसील) ताल याकूब खान कथित तौर पर सिखों को जबरन इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर कर रहे हैं. पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार सिख समुदाय के लोगों ने डिप्टी कमिश्नर हंगू शाहिद महमूद के खिलाफ भी इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है.

अपनी शिकायत में सिख समुदाय के फरीद चंद सिंह ने कहा कि वर्ष 1901 से इस इलाके में सिख समुदाय के लोग रह रहे थे. अगर ऐसा कोई साधारण व्यक्ति कह रहा होता तो इतना डरने वाली बात न होती लेकिन अब जब इस मुद्दे को एक सरकारी अधिकारी उठा रहा है तो यह बहुत ही गंभीर मामला है.

उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि दुआबा क्षेत्र के लोगों को धार्मिक मामलों के लिए बहुत प्रताडि़त किया जा रहा है. उन पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जा रहा है. हंगू के डिप्टी कमिश्नर को की गई आधिकारिक तौर पर शिकायत का जिक्र करते हुए कैप्टन अमरिंदर ने कहा है कि यह बहुत गंभीर मसला है. विशेषकर तब जब एक सरकारी अधिकारी द्वारा ही जबरन धर्म परिवर्तन करवाने की कथित कार्रवाई का नेतृत्व किया जा रहा हो. पाकिस्तान के राष्ट्रीय डाटाबेस के अनुसार उनके देश में कुल छह हजार सिख रहते हैं.

यह आबादी मुख्यत: खैबर पख्तूनख्वा प्रांत, आदिवासी इलाके फाटा, सिंध, बलुचिस्तान, ननकाना साहिब, लाहौर और पंजाब के अन्य जिलों में है. पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा राज्य अफगानिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगा हुआ है. इस प्रांत को पहले उत्तर-पश्चिम फ्रंटियर प्रांत (एनडब्ल्यूएफपी) कहा जाता था. कैप्टन अमरिंदर ने कहा है कि दुनिया के किसी भी हिस्से में सिखों के हितों की सुरक्षा यकीनी बनाना भारत सरकार का फर्ज है.

विदेश मंत्रालय इस्लामाबाद में उच्च स्तर पर इस मामले की पैरवी करे. धार्मिक स्वतंत्रता हरेक मानव का अधिकार है और मानवता के बड़े हित में हरेक देश द्वारा इसकी रक्षा की जानी चाहिए. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि पाकिस्तान में रहने वाले सिखों के जबरन धर्म परिवर्तन कराए जाने के मुद्दे पर भारत कड़ा रुख अपना सकता है. पाकिस्तान के मीडिया में आई इस आशय की खबरों पर संज्ञान लेते हुए सुषमा स्वराज ने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘यह सामान्य मसला नहीं है. हम इस मुद्दे को पाकिस्तान सरकार के समक्ष शीर्ष स्तर पर उठाएंगे.

अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने पाकिस्तान में सिखों के धर्म परिवर्तन की घटना का कड़ा संज्ञान लिया है. उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल से अपने स्तर पर इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाकर श्री अकाल तख्त को रिपोर्ट भेजने को कहा है. उन्होंने इसे दुखद घटना करार देते हुए कहा कि इस मामले में असिस्टेंट कमिश्नर (तहसील) याकूब खान की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए और पाक सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि सिख धर्म किसी भी धर्म के मामले में ना तो दखलअंदाजी करता है और ना ही जबरदस्ती धर्म परिवर्तन की कार्रवाई. श्री गुरु गोबिंद सिंह ने मुगल शासक बहादुर शाह को भी दो टूक कहा था कि तुमको तुम्हारा खुदा मुबारक, हमें हमारा धर्म मुबारक. उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा उक्त मामले को पाक सरकार के साथ उठाने के दिए आश्वासन का स्वागत किया है.