सियाम की मांग , पैसेंजर कारों पर जीएसटी में हों दो टैक्स रेट

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने कमोडिटी और सर्विस टैक्स (जीएसटी) के तहत यात्री वाहनों पर दो दरों की मांग की है.फिलहाल इसके लिए कई दर मौजूद है इसके साथ ही उद्योग संगठन ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से इलेक्ट्रिक एवं हाइड्रोजन फ्यूल सेल पावर्ड वाहनों के लिए 12 फीसदी की विशेष कर दर की मांग की है.सोसायटी आफ इंडियन आटोमोबाइल मैन्युफेक्चरर्स (सियाम) ने आम बजट 2018-19 को लेकर अपने ज्ञापन में यह मांग रखी है.

2018-19 के केंद्रीय बजट के लिए अपने सुझाव में, उद्योग ने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग कारों पर करों की कई दर के बजाय दो दरों का सुझाव दे रहा है और केंद्र सरकार को जीएसटी के तहत केवल दो दरों को रखने का आग्रह करता है.
जीएसटी के तहत फिलहाल 1200 सीसी से कम क्षमता वाली पेट्रोल की छोटी कारों पर एक प्रतिशत उपकर लगता है. वहीं 1500 सीसी से कम इंजन क्षमता वाली डीजल वाली कारों पर तीन प्रतिशत उपकर लगता है.

यह उपकर 28 प्रतिशत जीएसटी दर से अलग है. इसी तरह, हाइब्रिड कार का उपकर 15 प्रतिशत है. इसी तरह, ऑटो इंडस्ट्री ने इस्तेमाल की गई कारों के लिए टैक्स दर तय करने की मांग की है. आपको बतादें कि हाइब्रिड करो पर जीएसटी के तहत 43 प्रतिशत ब्याज होने से ऑटोमोबाइल उद्योग बहुत परेशान है.

इसी वजह से देश कि दूसरी बड़ी कार कंपनी ह्युन्डइ,जो कि हाइब्रिड कारो को बहुत जल्द भारत कि मार्किट में उतारने कि सोच चुकी थी,उन्होंने इस योजना को रद्द कर दिया है.अब कंपनी इलेक्ट्रीक कार बेचने में ध्यान देगी,जिसमे अभी कुछ वक़्त है.