कड़ाके की ठंड भी नहीं रोक पाई आस्था की डुबकी

गंगा

कड़ाके की ठंड के बीच सोमवार को सोमवती अमावस्या के अवसर पर आठ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई.इस दौरान धर्मनगर में गंगा का तट गंगा मैया के जयकारों से गूंज उठा.सोमवार को हरिद्वार में न्यूनतम 5.5 डिग्री और अधिकतम 19.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया.

सोमवती अमावस्या के स्नान के लिए श्रद्धालुओं का तांता एक दिन पहले से ही शहर में लगने लगा था.इस बार अमावस्या का स्नान दो दिन और पौष माह में पड़ने से स्नान का महत्व भी बढ़ गया था.पौष माह को अमावस्या को हिंदू पंचाग मे विशेष महत्व दिया गया है.इस दिन ब्रह्ममुहूर्त में गंगा स्नान करने के बाद दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है.

जिसके चलते श्रद्धालु ब्रह्ममुहूर्त में तड़के चार बजे से ही गंगा घाटों पर स्नान के लिए पहुंचने लगे थे.हरकी पैड़ी, मालवीय घाट, विष्णु घाट, शताब्दी घाट, सुभाष घाट, शाली ग्राम घाट, लोक नाथ घाट आदि पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पुण्य कमाया.स्नान के बाद देश भर से आए श्रद्धालुओं ने कुशावर्त घाट और नारायण शिला पर श्राद्ध तर्पण किया.जबकि महिलाओं ने शहर के विभिन्न स्थानों पर पीपल के वृक्षों पर रक्षा सूत्र बांधकर परिक्रमा की.

हालांकि सोमवती अमावस्या के दिन धार्मिक अनुष्ठान नहीं किए जाते.इसलिए मंदिरों में और दिनों की अपेक्षा कम संख्या में श्रद्धालु पहुंचे.स्नान को लेकर पुलिस ने रूट प्लान जारी किया है.ट्रैफिक प्लान के चलते देहरादून से दिल्ली और दिल्ली से हरिद्वार की दूरी बढ़ गयी है.प्लान के तहत कई मार्गों पर रूट डायवर्ट किया गया है.

दबाव बढ़ने पर दिल्ली से आने वाले हल्के वाहनों को मुजफ्फरनगर से नारसन बजाय फलोदा खानपुर से लक्सर, फेरुपुर होकर हरिद्वार भेजा जा रहा है.देहरादून, ऋषिकेश से दिल्ली की ओर जाने वाले हल्के वाहनों को आईडीपीएल बैराज से होते हुए चीला मार्ग, चंडी चौक से शंकराचार्य चौक, बहादराबाद होते हुए रुड़की से दिल्ली भेजा जा रहा है.