जानिए, महिलाओं के लिए कल का दिन क्यों होगा खास

इस सोमवार को सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी. अखंड सौभाग्य के लिए इस दिन व्रत रखना महिलाओं के लिए लाभकारी साबित होगा. साथ ही इस दिन पितरों का तर्पण भी किया जा सकेगा.बालाजी ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य पंडित राजीव शर्मा के अनुसार एक राशि पर उपरिअधो भाव से सूर्य-चंद्रमा का सम्बन्ध जिस काल में होता है, वह अमावस्या तिथि कहलाती है.

अमावस्या को गंगा स्नान का विशेष महत्व है. सोमवार को अमावस्या होने पर दान एवं श्राद्ध का विशेष फल मिलता है. इस दिन पितरों के निमत्त श्रद्धापूर्वक श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान भी किया जाता है. सबसे महत्वपूर्ण सोमवती अमावस्या का व्रत महिलाओं को अखंड सौभाग्य दिलाने वाला माना जाता है.

इस दिन महिलाएं अपने पति की आयु वृद्धि के लिए पीपल वृक्ष के मूल को विष्णु का प्रतीक मानकर उसकी 108 बार परिक्रमा करती हैं. शास्त्रों की मान्यता है कि जो स्त्री अपने सुहाग की रक्षा की कामना के लिए पीपल वृक्ष के मूल में दूध, नैवेद्य, दही, फूल चढ़ाने के साथ दीप दिखाती है, उसे अभिष्ट फल की प्राप्ति होती है. सोमवती अमावस्या को पीपल वृक्ष के नमन से एक हजार गायों के दान का फल मिलता है.