UPTET Result 2017: जारी हुए परीक्षा के नतीजे, जानिए कितने पास और कितने फेल

उत्तर प्रदेश टीईटी परीक्षा का परिणाम शुक्रवार शाम घोषित कर दिया गया. इस बार का परिणाम अच्छा नहीं रहा है. सिर्फ 11 प्रतिशत अभ्यर्थी ही परीक्षा पास कर सके हैं. उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपी टीईटी 2017 में भी 88.89 फीसदी अभ्यर्थी फेल हो गए हैं. महज 11.11 फीसदी अभ्यर्थी ही जैसे-तैसे उत्तीर्ण हो सके हैं. बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष रिजल्ट में और गिरावट (दशमलव के अंकों में) हुई है. 2016 में 11.14 फीसदी अभ्यर्थी सफल हो सके थे.

राहत की बात यह कि प्राथमिक स्तर की परीक्षा का परिणाम पिछले वर्ष से बेहतर तो उच्च प्राथमिक का रिजल्ट धड़ाम हुआ है. उम्मीदवार रिजल्ट upbasiceduboard.gov.in परीक्षा के ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं. परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव डा. सुत्ता सिंह ने परिणाम घोषित कर दिया है. जिसे वेबसाइट पर पर देखा जा सकता है.

विभिन्न जिलों में बीते 15 अक्टूबर को हुई परीक्षा में प्राथमिक स्तर के लिए तीन लाख 49 हजार 192 अभ्यर्थी पंजीकृत हुए उनमें से दो लाख 76 हजार 636 अभ्यर्थी इम्तिहान में शामिल हुए. इन अभ्यर्थियों में से 17.34 फीसदी यानी 47 हजार 975 सफल हो पाए हैं. इसी तरह से उच्च प्राथमिक स्तर के लिए छह लाख 27 हजार 568 अभ्यर्थी पंजीकृत हुए थे, उनमें से पांच लाख 31 हजार 712 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए. इन अभ्यर्थियों में से 7.87 प्रतिशत यानी 41 हजार 888 अभ्यर्थी ही परीक्षा उत्तीर्ण कर सके हैं. ज्ञात हो कि 2016 की परीक्षा में प्राथमिक स्तर का परिणाम 11.38 और उच्च प्राथमिक का रिजल्ट 11 फीसद के आसपास रहा है. उस लिहाज से इस बार प्राथमिक का परिणाम करीब छह फीसदी बढ़ा है तो उच्च प्राथमिक का रिजल्ट पांच प्रतिशत गिरा है.

सचिव ने बताया कि यह टीईटी 2017 का परीक्षाफल हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में दाखिल याचिका में 22 नवंबर को दिए गए आदेश के अनुपालन में याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन होगा. उन्होंने बताया कि रिजल्ट 30 नवंबर को ही जारी होना था लेकिन, उत्तरकुंजी का विवाद कोर्ट में पहुंचने के कारण 15 दिन विलंब से यह जारी हो सका है.परीक्षाफल वेबसाइट पर 15 जनवरी 2018 की शाम छह बजे तक उपलब्ध रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि सफल अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र याचिकाओं के निस्तारण के बाद ही दिया जाएगा. इसमें वक्त लग सकता है.

यूपी टीईटी 2017 में प्राथमिक स्तर की परीक्षा का परिणाम इस बार बढऩे से शिक्षामित्रों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, क्योंकि 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट से 1.37 लाख शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त होने के बाद बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों ने भी प्राथमिक स्तर की परीक्षा के आवेदन किया था. परीक्षा में शामिल हुए जो शिक्षामित्र असफल रह गए हैं उनके पास अभी यह इम्तिहान उत्तीर्ण करने का एक मौका और शेष है.

यह परीक्षा 15 अक्टूबर 2017 को आयोजित कराई गई थी. उत्तर प्रदेश में 1634 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिसमें 9.76 लाख कैंडिडेट्स ने हिस्सा लिया था. परीक्षा का फाइनल आंसर कुंजी 30 नवंबर 2017 क ऑनलाइन उपलब्ध थी. परीक्षा के लिए वास्तव में 1009347 उम्मीदवारों ने किया था. इससे पहले यूपीटीईटी के परिणाम 30 नवंबर 2017 को आने की संभावना थी, लेकिन ऑफिशियल वेबसाइट उसी दिन क्रैश हो गई थी. जिसके कारण कैंडिड्ट्स असमंजस की स्थित में फंसे रहे. यूपीटीईटी 2017 की आधिकारिक वेबसाइट ने एडमिट कार्ड और आंसर कुंजी की प्राप्ति में भी टेक्निकल इश्यू दिखाया था. उम्मीदवार नतीजे की घोषणा के तुरंत बाद वेबसाइट धीमी होने की उम्मीद कर सकते हैं.

यूपीटीईटी 2017 के लिए ऑनलाइन आवेदन अगस्त में शुरू हो गया था और सितंबर तक जारी रहा. आवेदन प्रक्रिया ने स्नातक और इंटर पास योग्य उम्मीदवारों को पंजीकरण करने के लिए आमंत्रित किया. सितंबर 2017 में, उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलावों को मंजूरी दे दी थी, जिसमें 60 अंकों की लिखित परीक्षा अनिवार्य कर दी गई थी. इस संबंध में बताया गया था कि केवल टीईटी (शिक्षक की योग्यता परीक्षा) परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवार ही लिखित परीक्षा के लिए पात्र होंगे.