नए भारत के निर्माण के लिए लीक से हटकर सोचें अधिकारी और इंजीनियर : गडकरी

राजमार्ग और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी फाइल फोटो

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इंजीनियरों और अधिकारियों से नए भारत के निर्माण के लिए पुराने और अप्रासंगिक पद्वतियों को छोड़कर लीक से हटकर सोचने का आह्वान किया.

जयपुर में ‘रिपेयर रिहेबिलिटेशन एण्ड रेट्रो फिटिंग ऑफ ब्रिजिज एण्ड स्ट्रक्चर्स’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमीनार को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि गलतियों के भय से नए प्रयोग से घबराएं नहीं और सरकारों के सामने नई सोच लेकर आएं, तभी हम मिलकर इक्कीसवीं सदी का नया भारत बना सकते हैं.

गडकरी ने कहा कि आज निर्माण की लागत कम करने और गुणवत्ता बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान सरकारी तंत्र में नई सोच पर बहुत अधिक काम नहीं किया जाता. उन्होंने कहा कि अधिकारी और अभियंता जोखिम लेने से बचते हैं. गडकरी ने कहा कि इस स्थिति को बदलना होगा. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पुलों के बारे में योजना बनाने में आंकड़ों की कमी बड़ी बाधा थी, जिसके लिए 2015 में इंडियन ब्रिज मैनेजमेंट सिस्टम (आईबीएमएस) प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई. गणना करने पर दुनिया में पुलों का सबसे बड़ा डेटाबेस तैयार हुआ और एक लाख 70 हजार पुल रजिस्टर किए गए. इस डेटाबेस के अध्ययन से कई तथ्य सामने आए.

इस अवसर पर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि राज्य सरकार ने कम समय में बहुत अच्छी सड़कों और पुलों का निर्माण किया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में भौगोलिक परिस्थितियों और वातावरण संबंधी अलग-अलग परिस्थितियों के कारण सड़कों की गुणवत्ता हमेशा एक चुनौती रही है. उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में उनकी सरकार ने इस चुनौती से पार पाते हुए अधिक लम्बाई की और अच्छी गुणवत्ता वाली सड़कों का निर्माण किया है.