कांग्रेस की VVPAT पर्चियों से वोटों की मिलान की मांग सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

गुजरात चुनाव के नतीजे आने से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम जारी चुनाव प्रक्रिया के दौरान दखल नहीं दे सकते हैं. हालांकि कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि आप बाद में चुनाव सुधार के लिए अलग से याचिका दाखिल कर सकते हैं.

दरअसल गुजरात की कांग्रेस इकाई के सचिव ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई कि वह चुनाव आयोग को यह निर्देश दें कि कम से कम 25 फीसदी VVPAT की पर्चियों का ईवीएम मशीनों में पड़े वोटों से मिलान किया जाए. कांग्रेस की तरफ से इस मामले में कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में पक्ष रखा.

बता दें कि इसके पहले यूपी चुनाव में बीजेपी की बंपर जीत के बाद भी ईवीएम में गड़बड़ी का मुद्दा उठा था.बीएसपी और आम आदमी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों ने ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया था. आम आदमी पार्टी ने तो यहां तक कह दिया कि ईवीएम को आराम से हैक किया जा सकता है. हालांकि चुनाव आयोग ने इस आरोप को खारिज कर दिया था.

आपको बता दें कि ईवीएम को लेकर उठ रहे इन सवालों को ध्यान में रखकर ही गुजरात में चुनाव में इस्तेमाल की गईं सभी EVMs को VVPAT मशीनों से जोड़ा गया था. इस मशीन कि मदद से वोटर्स को यह सुनिश्चित करवाया जाता है कि उसने EVM पर जिस प्रत्याशी को वोट दिया है, वास्तव में वोट उसी को गया है.

मशीन के डिस्प्ले में उसी प्रत्याशी के नाम की पर्ची नजर आती है और फिर वह पर्ची मशीन में रह जाती है.जब गड़बड़ी की आशंका हो तो इन पर्चियों का इस्तेमाल किया जा सकता है.