सुप्रीम कोर्ट ने पारसी महिला को टेंपल ऑफ साइलेंस में जाने की दी इजाजत

गुजरात की पारसी महिला गुलरुख गुप्ता के अपने समाज से बाहर हिंदू पुरुष से शादी करने पर पारसी ‘मंदिर’ में प्रवेश से रोक लगा दी गई थी. उन्हें अपने ही गुजरात के पारसी समाज ने हिंदू पुरुष से शादी करने पर पारसी ‘मंदिर’ में प्रवेश से रोक लगा दी गई थी.अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उसे राहत दी है.

गुलरुख ने अहमदाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती याचिका दायर की थी. कोर्ट के अनुसार अब वह पारसी मंदिरों में प्रवेश कर सकती है.पारसी महिला के हिन्दू पुरुष से शादी करने का मामला गुजरात की बालसाड पारसी ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह महिला को पिता के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए टावर आफ साइलेंस में जाने की इजाज़त देने को तैयार है.

इससे पहले उसे बाहर शादी करने के कारण मना कर दिया गया था. हाईकोर्ट ने भी महिला को पारसी रीति-रिवाज मे हिस्सा लेने की मनाही के पारसी ट्रस्ट के फ़ैसले को सही ठहराया था और कहा था कि विवाह के बाद महिला का धर्म पति के धर्म मे तब्दील हो गया है.इसके बाद महिला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और अपना हक मांगा था.

महिला का कहना था कि उसने हिन्दू पुरुष से स्पेशल मैरिज एक्ट में शादी की थी, धर्म परिवर्तन नहीं किया था. उसे पारसी रिवाज से पिता के अंतिम संस्कार हिस्सा लेने का हक मिलना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने महिला की याचिका पर गुजरात की बालसाड पारसी ट्रस्ट से महिला की मांग पर विचार कर जवाब देने को कहा था