अमित शाह के राज्य सभा में आने से बीजेपी और मजबूत होगी

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पहली बार राज्‍यसभा सांसद बनने के बाद शुक्रवार को संसदीय सत्र में शामिल हुए. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ राज्यसभा की पहली पंक्ति में जगह दी गई है. शाह को जो सीट दी गई है, उस पर पहले उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू बैठते थे. उनके उच्च सदन का सभापति बन जाने से खाली सीट भाजपा अध्यक्ष को दी गई है.

राज्यसभा सचिवालय ने नए सदस्यों के बैठने की व्यवस्था कर दी है. शाह के पहली पंक्ति में आने से जहां सत्ताधारी पक्ष अब ज्यादा मजबूती से अपनी बात कह सकेगा, वहीं विपक्ष के तीन वरिष्ठ नेताओं की पहली पंक्ति में गैरहाजिरी से विरोधी खेमे को नुकसान होगा. इनमें जदयू के बागी नेता शरद यादव की संसद सदस्यता जहां खत्म कर दी गई है, वहीं माकपा के सीताराम येचुरी रिटायर हो गए हैं.

बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसी साल जुलाई में अपनी आवाज दबाए जाने का आरोप लगाते हुए राज्यसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था. नीतीश कुमार के जदयू के राजग में शामिल हो जाने से इसके सदस्य अब विपक्षी बेंचों की जगह सत्ता पक्ष में बैठेंगे.

संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सरकार ने गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. संसदीय कार्य मंत्रालय ने इस सिलसिले में सभी प्रमुख दलों के नेताओं को निमंत्रण पत्र भेज दिया है. संसद का शीत सत्र 15 दिसंबर से पांच जनवरी तक चलेगा. इसकी 14 बैठकें होंगी. पिछले साल की तुलना में इस साल शीत सत्र लगभग एक महीने की देरी से शुरू हो रहा है. विपक्षी दलों ने सरकार पर गुजरात चुनाव के चलते सत्र देरी से बुलाने का आरोप लगाया है.

संसद के शीत सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा के लिए विपक्षी दलों की गुरुवार को बैठक हो रही है. राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इसमें कांग्रेस के निर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी के भी भाग लेने की संभावना है. कांग्रेस के अलावा इसमें वाम दलों, सपा, बसपा, राकांपा और अन्य दलों के नेता भी भाग लेंगे.