अमरनाथ में मंत्रोच्चार और घंटी बजाने पर रोक, तोगड़िया ने बताया तुगलकी फरमान

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पवित्र अमरनाथ गुफा को शांत क्षेत्र यानी साइलेंस जोन घोषित करते हुए एक निश्चित सीमा से आगे जयकारे लगाने पर रोक लगाने के बाद विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने विरोध किया. इस आदेश को विश्व हिंदू परिषद ने अपमानकारी बताते हुए इसे NGT का फतवा करार दिया. डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि धरती पर पर्यावरण संबंधी हर समस्या का कारण हिंदू नहीं हैं.

उन्होंने आगे कहा कि हमारी केंद्र सरकार से मांग है कि वह किसी न किसी कारण से हिंदुओं की धार्मिक श्रद्धाओं और भावनाओं को ठेस पहुंचाना बंद करें और NGT (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) ने अमरनाथ यात्रा के दौरान जयकारे, मंत्रोच्चारण और घंटी बजाने का जो तुगलकी फरमान जारी किया है उसे वापिस लिया जाए.

NGT (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) ने 13 दिसंबर 2017 को आदेश जारी करते हुए अमरनाथ श्राइन बोर्ड से कहा था कि अमरनाथ पवित्र गुफा के पास जयकारे लगाने और घंटियां बजाने पर रोक लगाई जाए. केवल इतना ही नहीं, लॉस्ट चेक पोस्ट से पवित्र गुफा तक श्रद्धालुओं को एक लाइन में लाने की बात कही गई है. आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि एक याचिका पर सुनवाई के दौरान NGT ने इस आदेश को जारी किया है.

NGT ने ये भी कहा है कि लास्ट चेक पोस्ट के बाद किसी भी श्रद्धालु को मोबाइल या किसी भी सामान को आगे ले जाने की इजाजत नहीं होनी चाहिए. जयकारों पर रोक लगाने के अलावा एनजीटी ने श्रद्धालुओं को पर्याप्त सुविधाएं मुहैया न करवाने और दिसंबर 2017 के पहले सप्ताह तक स्टेटस रिपोर्ट दायर नहीं करने पर भी अमरनाथ श्राइन बोर्ड की खिंचाई की है.