अल्मोड़ा : ऐपण कला कि परंपरा को विकसित करने के लिए जिलाधिकारी ने किया प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

अल्मोड़ा, जिलाधिकारी इवा आशीष ने अखिल भारतीय हस्तशिल्प कला प्रशिक्षण जो 08 दिसम्बर से 15 दिसम्बर तक आयोजित किया जा रहा है. इसमें द्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है साथ ही ऐपण शिल्प प्रशिक्षण योजना के अन्तर्गत मैसर्स अल्मोड़ा ऐपण शिल्प कला स्वायत्ता समिति डुबकिया द्वारा 05 दिसम्बर से 19 जनवरी तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है,इसमें सामान्य वर्ग के 45 महिला प्रशिक्षाणार्थी प्रशिक्षण ले रहे है.

जिलाधिकारी ने महाप्रबन्धक उद्योग को निर्देश दिये कि इनके द्वारा बनाये गये माल की मार्केटिंग की व्यवस्था के लिये ठोस पहल की जाए. साथ ही इनके माल को कुमाऊॅ मण्डल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह में रखने की व्यवस्था मुख्य सचिव के अल्मोड़ा भ्रमण के दौरान दिये गये निर्देशों के क्रम में की जाए. इस सम्बन्ध में महाप्रबन्धक कुमाऊॅ मण्डल विकास निगम नैनीताल से समन्वय स्थापित कर इसकी व्यवस्था भी की जाए. जिलाधिकारी ने यहां पर बनाये जा रहे फाइल कवर, धूल्लीअर्ग चौकी, लक्ष्मीचौकी, सरस्वती चौकी सहित साड़ियों, कुर्ता, पैजामा व वासकेट में की जा रही ऐपण कलाकारी को बारीकी से देखा और चेली ऐपण संस्था की प्रंशसा की.

उन्होंने कहा कि उनके द्वारा बनाये गये माल को होटलों, रिर्सोटो एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में रखा जाएगा. जिलाधिकारी ने इस अवसर पर महाप्रबन्धक उद्योग केन्द्र को निर्देश दिए कि पूर्व में विकास भवन में ऐपण कला को और अधिक विकसित करने के लिये दीवालों पर ऐपण की फ्रेमिंग करने के साथ ही उसे एक सप्ताह के भीतर लगाना सुनिश्चित करें. इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सहायक निदेशक हस्तशिल्प नन्दी बिष्ट से भी इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की.

महाप्रबन्धक उद्योग केन्द्र डॉ. दीपक मुरारी ने इन कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी. नमिता तिवारी ने विस्तृत रूप से जिलाधिकारी को बताया. इस अवसर पर सचिव विनीता रानी, उद्योग विभाग के डी0एस0 पंचपाल एवं हस्त शिल्प के अनुदेशक भी उपस्थित थे.