गैरसैंण सत्र में रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को नहीं मिला बजट

पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ ने एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री व भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को पूरा करने की घोषणा एक बार फिर खोखली साबित हुई है. सरकार ने रुद्रपुर मेडिकल कालेज के लिए अनुपूरक बजट में कोई धनराशि स्वीकृत नहीं की.

बेहड़ ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने गैरसैंण में चल रहे अनुपूरक बजट सत्र में रुद्रपुर मेडिकल कालेज के लिये कोई बजट स्वीकृत नहीं किया. उन्होंने कहा कि रुद्रपुर मेडिकल कालेज व क्षेत्र की जनता को राज्य सरकार ने धोखा दिया है, जबकि हाल में ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रुद्रपुर में मेडिकल कालेज का निर्माण पूरा कराने की बात कही थी. भारतीय जनता पार्टी एक तरफ विकास की बात करती है दूसरी तरफ तराई की जनता के लिये मेडिकल कालेज को पूरा न कराकर जनता के साथ खेल खेला जा रहा है.

बेहड़ ने कहा कि भाजपा नेताओं के दावे एक बार फिर खोखले साबित हुए हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने रामलीला ग्राउंड में मंच के माध्यम से रुद्रपुर मेडिकल कालेज को पूर्ण कराने की घोषणा की थी, परन्तु विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री अपनी ही घोषणा को कागजों में जगह नही दिला पाए जो की बहुत की शर्म की बात है. उन्होंने कहा कि मंच के माध्यम से जनता को खुश करना भाजपा का पसंददीदा खेल रहा है. बेहड़ ने कहा कि रुद्रपुर मेडिकल कालेज निर्माण के लिये विधानसभा सत्र में घोषणा न करके भारतीय जनता पार्टी का असली चेहरा जनता के सामने आया है. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार रुद्रपुर मेडिकल कालेज नहीं बनाना चाहती.

मेडिकल कालेज को पीपीपी मोड पर देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है. बेहड़ ने याद दिलाया कि पूर्व में बीसी खंडूरी ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में रुद्रपुर मेडिकल कालेज के लिये स्वीकृत धनराशि वापस लेकर श्रीनगर मेडिकल कालेज को दे दी थी. आज फिर एक बार भाजपा सरकार में रुद्रपुर मेडिकल कालेज की अनदेखी कर रही है जिसे कांग्रेस पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी. भाजपा के नेता जो रुद्रपुर मेडिकल कालेज को पूर्ण कराने का संकल्प ले रहे हैं अगर वह सच में पूर्ण कराना चाहते हैं तो उन्हें अपनी सरकार से लड़ाई लडनी चाहिए. बेहड़ ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय का मेडिकल कालेज के लिये स्वीकृत एक करोड़ रुपये भी आज तक रिलीज नही किए गए हैं. जिससे भाजपा की विकास विरोधी सोच सामने आ रही है.