यू ट्यूब पर तीस लाख से ज्यादा लोगों ने देखा ये गढ़वाली गाना

पहाड़ों से पलायन कर आये परिवारों के बच्चों को बेशक पहाड़ी भाषा बोलनी न आती हो लेकिन शादी विवाह में पहाड़ों धुनों के बजते ही युवा अपने कदम नहीं रोक पाते है. कुछ ऐसा ही आजकल शादी बरातों में देखने को मिल रहा है.इन दिनों शादी विवाह एवं पार्टियों में सिर्फ एक ही धुन सुनाई दे रही है और वो है ‘फ्यों लडिया त्वे देखिक औंदी यो मन मा, तेरो मेरो साथ छयो पेला जनम मा’.इस गढ़वाली गाने की धूम इन दिनों शादी व पार्टियों में मची हुई है.

किशन महिपाल ने इस गाने में पहाड़ की सुंदर पहाडियों के बीच सफेद बर्फ की चादर में लिपटी धरती को दिखाया है.साथ ही पहाड़ की नारी जंगल में साथियों के साथ घास लाने व चढ़ाई में गागर से पानी भरकर लाने को सुंदर स्वर में पिरोया है.गाने में म्यूजिक दिया है इशान डोभाल ने और अन्या बिष्ट ने शानदार अभिनय किया.बता दें कि किशन महिपाल ने उत्तराखंड सिनेमा में अपनी गायकी से एक खास पहचान बनाई है.जो उत्तराखंडी युवाओं की पहली पसंद है.

पहाड़ से पलायन कर आये परिवारों के बच्चों को बेशक पहाड़ी बोलनी न आती हो लेकिन जहां पहाड़ी संस्कृति की झलक दिखे उसी ओर दौड़ पड़ते है.आजकल बारातों में पहाड़ का युवा हिन्दी गानों के साथ पहाड़ी गानों ज्यादा दिलचस्पी लेने लगा हैं.जिसका ताजा उदाहरण किशन महिपाल के फ्यों लडिया गाने से मिलता है.यू ट्यूब पर इस गाने को तीस लाख से अधिक लोग देख कर चुके हैं.

वहीं आजकल शादी पार्टियों में बच्चे भी कह रहे है डीजे वाले दाज्यू जरा फ्यों लडिया गाना बजा दो.इस गाने के किशन महिपाल ने एक नये रूप में पेश किया है.जिसे सुनकर आप भी थिरकने पर मजबूर हो जाएंगे.आजकल यह गाना पहाड़ी परिवारों के अलावा मैदानी क्षेत्र में रहने वाले पंजाब, यूपी, महाराष्ट्र व मुंबई के परिवारों का भी फवरेट गाना बन गया है।