गुरुग्राम : फोर्टिस हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य मंत्री की गिरी गाज, दिया लीज रद्द करने का आदेश

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल की जमीन की लीज रद्द करने के आदेश दिए हैं. अस्पताल के खिलाफ एक बच्ची के इलाज के बाद 18 लाख का बिल देने के मामले में जांच जारी थी.

इसकी रिपोर्ट आने के बाद विज ने यह कदम उठाया है. इससे पहले मामले में गुरुग्राम का फोर्टिस अस्पताल दोषी पाया गया था और हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. राजीव वढ़ेरा की अध्यक्षता वाली कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश सरकार अस्पताल के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराएगी.

इस मामले पर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि 31 अगस्त को बच्ची को डेंगू होने का पता चला. इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. 14 सितंबर को इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई. इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की ओर से रिपोर्ट मांगी गई है.

परिवार को बच्ची की नाजुक हालत के बारे में बताया गया था. अस्पताल का दावा है कि 14 सितंबर को डॉक्टर की सलाह के खिलाफ परिजन उसे अस्पताल से ले गए और उसी दिन बच्ची की मौत हो गई. अस्पताल की मानें तो इलाज के दौरान प्रोटोकॉल और दिशा-निर्देश का ध्यान रखा गया. साथ ही 20 पन्नों के बिल के बारे में परिवार को बताया गया था.

अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश के साथ ही ब्लड बैंक का लाइसेंस रद्द करने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया. सरकार ने इस रिपोर्ट के आधार पर माना है कि बच्ची की मौत सामान्य नहीं, बल्कि हत्या के समान थी.

इसके अलावा डेंगू की सूचना सीएमओ को नहीं देने पर भी अस्पताल प्रबंधन को नोटिस थमाया गया है. अस्पताल के खिलाफ केस धारा 304 (लापरवाही से मौत) के तहत दर्ज होगा. लंबे इंतजार के बाद स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अमित झा ने डॉ. वढ़ेरा की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय कमेटी की 50 पेज की रिपोर्ट बुधवार को हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को सौंप दी.