प्रिंस ऑफ़ सऊदी ने खरीदी दुनिया की सबसे महंगी पेंटिंग

लियोनाडरे दा विंची की पेंटिंग ‘सल्वाटोर मुंडी’ दुबई भेजी जा रही है. ये पेटिंग 500 बरस पुरानी है. इस पेंटिंग का रहस्यम खरीदार सऊदी अरब का एक राजकुमार निकला है.

राजकुमार ने पिछले महीने न्यू यॉर्क में हुई नीलामी में इस पेंटिंग को 45.03 करोड़ डॉलर यानि भारतीय मुद्रा में ये रकम 2,900 करोड़ रुपये के क़रीब बनती है. ये कला के क्षेत्र में हुई अब तक की सबसे महंगी नीलामी कही जा रही है. बीस मिनट तक चली नीलामी में एक अज्ञात खरीदार ने टेलीफोन पर बोली लगाकर पेंटिंग अपने नाम की थी.

द न्यूयॉर्क टाइम्स ने दस्तावेजों की समीक्षा कर बताया है कि प्रिंस बदर बिन अब्दुल्ला बिन मोहम्मद बिन फरहान अल सऊद ने यह पेंटिंग खरीदी है. पेंटिंग, यीशु मसीह का एक चित्रण है. नीलामी हाउस क्रिस्टी ने कहा था कि यह दा विंची की एकमात्र कलाकृति है जो निजी हाथों में है.

द न्यूयॉर्क टाइम्स के खुलासे के अनुसार, राजकुमार बदर ‘शाही परिवार की एक दूरदराज शाखा से नाता रखते हैं जिसे इतिहास की प्रमुख कलाकृतियों को इकठ्ठा करने वालों के रूप में नहीं जाना जाता है और उनकी विशाल संपत्ति का भी कोई सार्वजनिक ज्ञात स्रोत नहीं है.’

लियोनार्डो दा विंची की मौत 1519 में हुई थी. वर्तमान में उनकी 20 से कम पेंटिंग मौजूद है.माना जाता है कि लियोनार्डो दा विंची ने ‘सल्वाटोर मुंदी’ 1505 के बाद बनाई थी और संभवत: ये उनकी इकलौती ऐसी पेंटिंग है जो निजी हाथों में है.

प्रिंस फरहान देश के 32 वर्षीय युवराज मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद के दोस्त और सहयोगी हैं. क्रिस्टी के एक प्रवक्ता ने कहा कि वह किसी भी खरीदार या विक्रेता की पहचान उनकी अनुमति के बिना जाहिर नहीं करती.

प्रिंस बदर ने टिप्पणी के लिए अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया है लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स ने बुधवार को जब प्रतिक्रिया के लिए दबाव डाला तो अबू धाबी में खुली लोवरे की नई शाखा ने ट्वीट कर कहा कि कि पेंटिंग ‘लोवरे अबू धाबी में आ रही है.’