निठारी कांडः 9वें केस में पंढेर और कोली को सजा-ए-मौत

उत्तर प्रदेश के निठारी कांड के 9वें केस में मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेन्द्र कोली को सीबीआई के स्पेशल कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. जिस 9वें मामले में दोनों को शुक्रवार को  दोषी पाया गया है, वो मनिंदर पंढेर के घर में काम करने वाली मेड अंजलि की हत्या का है. अंजलि की रेप के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई थी.

इस मामले सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने दोनों को दोषी पाते हुए फांसी की सजा सुनाई है. कोर्ट ने गुरुवार को पंढेर और कोली को दोषी करार दिया था. मनिंदर पंढेर और सुरेन्द्र कोली पर निठारी कांड से जुड़े कुल 16 केस चल रहे हैं, जिनमें से आठ मामलों में फैसला सुनाया जा चुका है. इससे पहले आठ मामलों में सुरेंद्र कोली को फांसी हो चुकी है.

देशभर में चर्चा में रहा निठारी कांड जून 2005 को आठ साल की एक बच्ची नोएडा के निठारी इलाके से गायब हुई थी. इसके बाद से इस इलाके में लगातार बच्चे गायब होने लगे. एक साल तक लगातार बच्‍चों के गायब होने यह सिलसिला चलता रहा और करीब दर्जनभर बच्चे गायब हो गए. 7 मई 2006 को 21 साल की एक और लड़की जब गायब हुई तो पुलिस को अहम सुराग उसके मोबाइल से मिला. पुलिस ने उस नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई.

उसके बाद जब उसमे से एक नंबर पर कॉल की गई तो उसका नाम मनिंदर सिंह पंधेर का था. जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में पंधेर और उसके नौकर कोली को आरोपी बनाया. इसके बाद पूरे निठारी मामले का खुलासा हुआ था, जिसमें 15 से ज्यादा बच्चियों और लड़कियों का रेप किया गया था. रेप के बाद उन्हें मारकर पंढेर के घर में दफन कर दिया गया था.