एनएसजी की सदस्यता पर रूस का भारत को समर्थन

भारत के सबसे पुराने दोस्त रूस ने एक बार फिर दोस्ती की मिसाल पेश की है. एनएसजी के मुद्दे पर रूस ने भारत का खुलकर समर्थन किया है. रूस ने कहा कि न्यूक्लियर सप्लाई ग्रुप (एनएसजी) आवेदन को पाकिस्तान से नहीं जोड़ा जा सकता है. रूस ने यह भी कहा कि चीन एनएसजी की सदस्यता को लेकर भारत के खिलाफ है.

बताते चलें कि चीन यह कहते हुए 41 सदस्‍यीय NSG में भारत की सदस्‍यता का विरोध कर रहा है कि इससे उसके राष्‍ट्रीय हित प्रभावित होंगे. रूस ने कहा कि हमने पहचाना कि पाकिस्तान के आवेदन को इस मौके पर सर्वसमति नहीं मिली है और भारत से इसको नहीं जोड़ा जा सकता है. उन्होंने आगे कहा कि हम जानते है कि इसमें कई समस्याएं शामिल हैं.

लेकिन कई अन्य देश सिर्फ बोलते हैं. हम कुछ मसौदे तैयार कर रहे हैं. इस मामले पर हम चीन से कई अलग लेवल पर भी बातचीत कर रहे हैं. चीन भारत की सदस्यता के खिलाफ है. 41 सदस्यों में वो है जो भारत की सदस्यता का विरोध कर रहा है. यह पहली बार नहीं है जब रूस ने भारत का समर्थन किया हो.

रूस ने हर कदम पर एनएसजी में भारत की सदस्यता के लिए समर्थन किया है. मोस्को में रूस के राष्ट्रपति विलादिमीर पुतिन चीन से भारत की सदस्यता के लिए जोर लएगा.जानकारी के लिए बता दें कि 11 दिसंबर को चीन के विदेश मंत्री वांग यी भारत दौरे पर आने वाले हैं.