कोटला टेस्ट ड्रा, रौशन सिल्वा-धनंजय ने बचाया मैच

दिल्ली के फिरोज शाह कोटला स्टेडियम में खेले जा रहा  तीसरा और अंतिम टेस्‍ट मैच ड्रॉ हो गया है. श्रीलंका ने दूसरी पारी में 103 ओवर में 05 विकेट के नुकसान पर 299 रन बनाए. इसके बाद दोनों टीमों के कप्तानों के बीच इस मैच को ड्रॉ कराने पर सहमति बन गई. भारत ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम की. सीरीज का पहला टेस्ट कोलकाता में हुआ था, जो बारिश के कारण ड्रॉ रहा था. दूसरा टेस्ट नागपुर में हुआ था जिसे भारत ने पारी और 239 रनों से अपने नाम किया था. दिल्ली में हुआ तीसरा टेस्ट मैच भी ड्रॉ रहा.विराट कोहली को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ दी सीरीज’ का पुरस्कार भी दिया गया.

दिल्ली टेस्ट मैच खत्म होने के दौरान रौशन सिल्वा 74 और निरोशन डिकवेला 44 रन बनाकर नाबाद रहे. यह रौशन सिल्वा के टेस्ट करियर का पहला अर्धशतक रहा. उनके और निरोशन डिकवेला के बीच 94 रनों की अविजित साझेदारी भी हुई. इससे पहले, धनंजय डी सिल्वा ने अपने टेस्ट करियर का तीसरा शतक पूरा किया, लेकिन दर्द की वजह से वह 119 रनों के स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए. इन तीनों श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने इस मैच को ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाई. वरना एक समय ऐसा लग रहा था कि चौथी पारी में 410 रनों के लक्ष्य के सामने श्रीलंकाई टीम मैच गंवा बैठेगी.

पांचवें दिन की शुरुआत में रवींद्र जडेजा ने एंजेलो मैथ्यूज (01) को स्लिप में अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच करवाकर श्रीलंकाई टीम को चौथा झटका दिया. हालांकि बाद में रीप्ले देखने पर पता चला कि जडेजा का पैर निर्धारित लाइन से आगे पिच हुआ था और यह डिलीवरी नो बॉल थी, पर तब अंपायरों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया.

जडेजा ने एक 43.3 ओवर में श्रीलंकाई कप्तान दिनेश चांडीमल को बोल्ड कर दिया था, लेकिन यह भी नो-बॉल थी.हालांकि, इस बार अंपायरों ने गलती नहीं की और जडेजा की नो-बॉल को पकड़ लिया. अश्विन ने चांडीमल (36) को बोल्ड कर श्रीलंका को पांचवां झटका दिया. चांडीमल ने धनंजय डी सिल्वा (119) के साथ मिलकर शतकीय साझेदारी भी की. हालांकि इसके बाद डी सिल्वा रिटायर्ड हर्ट होकर 76 ओवर के बाद मैदान से बाहर चले गए.