होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस पर सीएम रावत ने ली परेड की सलामी

देहरादून, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस के अवसर पर होमगार्ड के जवानों व नागरिक सुरक्षा के स्वंय सेवकों को शुभकामनायें दी. उन्होंने 17 अधिकारियों को उनके द्वारा की गई उत्कृष्ट सेवाओं के लिये सम्मानित भी किया. मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस अवसर पर आयोजित रैतिक परेड की सलामी ली तथा होमगार्ड मुख्यालय के विस्तारित भवन का भी लोकार्पण किया. तपोवन रोड, ननूरखेड़ा स्थित होमगार्ड एवं नागरिक  सुरक्षा मुख्यालय के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सेवा के दौरान मृतक दो होमगार्ड जवानों, उधम सिंह नगर निवासी स्व0 सुरेन्द्र कुमार तथा पौड़ी निवासी स्व0 भवानी प्रसाद की पत्नियों को 5-5 लाख की धनराशि के चेक भी प्रदान किये.

उन्होने इस अवसर पर होमगार्ड व नागरिक सुरक्षा की स्मारिका तथा जिंगल वीडियो का भी लोकार्पण किया.इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य देश में सबसे सुरक्षित राज्यो में दूसरे स्थान पर आ गया है. यह हमारी सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, पुलिस व सुरक्षा बलों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, इसमें सुरक्षा से जुडे संगठनों का बडा योगदान है. इस दिशा में हम देश में पहले नम्बर पर आये इसके लिये सभी को समेकित प्रयास व भागीदारी निभानी होगी, इसके लिये हमारी प्रकृति भी हमारा सहायोग करती है.उन्होने कहा कि राज्य की आन्तरिक सुरक्षा के साथ ही आपदा राहत, स्वच्छता मिशन, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षाव सामाजिक सुरक्षा से सम्बंधित विभिन्न अवसरों पर होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा संगठन द्वारा अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जाता रहा है.

उन्होने कहा कि जवानों को शाररिक दक्षता के प्रति भी विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि शरीर स्वस्थ होने से मन व बुद्धि भी स्वस्थ रहती है. वर्दी के साथ अनुशासित रहकर आदेशों के अनुपालन की जिम्मेदारी रहती है. प्राकृतिक दृष्टि से हमारा राज्य आपदा प्रभावित रहता है. हिमालय की नाजुकता से केदारनाथ जैसी आपदाओं का हमें सामना करना पडता है. ऐसे में होमगार्ड जैसे संगठनों का बड़ा योगदान रहता है. उन्होंने कहा कि रैतिक परेड़ में जवानों के कदम से कदम ही नहीं मिलते उनके दिल भी मिलते हैं, इससे साथ चलने की भी प्रेरणा मिलती है.

उन्होने कहा कि हाल ही में सम्पन्न हुए हिमाचल विधानसभा चुनावों में राज्य के एक हजार होमगार्डो की सेवा ली गई, इससे चुनाव आयोग का विश्वास हम पर बना. उन्होने कहा कि इन संगठनों की मजबूती के लिये राज्य सरकार द्वारा पूरा सहयोग प्रदान किया जायेगा. इस अवसर पर कमाण्डेंट जनरल होमगार्ड एवं निदेशक नागरिक सुरक्षा आरएस मीणा ने संगठन की गतिविधियों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6411 पुरूष व महिला होमगार्ड के जवान कार्यरत है.