गंगा की सफाई के लिए 920 करोड़ का प्रस्ताव, जर्मन एजेंसी जल्द लेगी निर्णय

जर्मन मिशन ने सोमवार को कहा कि गंगा नदी को स्वच्छ करने के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा बनाई गई 920 करोड रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) का मूल्यांकन किया जा रहा है और ‘जर्मन एजेंसी फॉर इंटरनेशनल टेक्निकल कोऑपरेशन’ (जीआइजेड) जल्द ही इस पर निर्णय लेगी.

अस्थायी राजधानी देहरादून में डिप्टी मिशन चीफ डॉ. जेस्पर वेक के नेतृत्व में आए जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से तकनीकी और वित्तीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार विमर्श करने के बाद भरोसा दिलाया कि जीआईजेड उत्तराखंड में गंगा नदी की स्वच्छता, चिकित्सा, कौशल विकास में तकनीकी और आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा.

गंगा नदी की स्वच्छता के लिए जर्मनी के मिशन चीफ के समक्ष 920 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर चर्चा हुई, जिसके तहत हरिद्वार, ऋषिकेश, तपोवन, मसूरी, देहरादून में 574. 25 किलोमीटर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नेटवर्किंग का कार्य किया जाएगा. इन शहरों में 265.47 एमएलडी सीवेज निकलता है.

जर्मन मिशन ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार द्वारा बनाए गए डीपीआर का मूल्यांकन जर्मन तकनीकी टीम द्वारा किया जा रहा है और जीआईजेड गंगा नदी की स्वच्छता के लिए 920 करोड़ रुपये दिए जाने पर जल्द निर्णय लेगी.

मुख्य सचिव सिंह ने कहा कि गंगा नदी को स्वच्छ तथा निर्मल करना राज्य सरकार का संकल्प है और कोई भी नाला गंगा नदी में नहीं गिरने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए गंगा किनारे के कस्बों में कार्य चल रहा है और जर्मनी के सहयोग से इस कार्य को और गति मिलेगी.