चीनी कंपनियों के खिलाफ मैदान में उतरेगी बाबा रामदेव की कंपनी

योग गुरु बाबा रामदेव- फाइल फोटो

FMCG सेक्टर में धूम मचाने के बाद योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद अब इंफ्रास्ट्रक्टर सेक्टर में कूदने के लिए तैयार है. कंपनी की नजर सौर ऊर्जा से संचालित उपकरणों के उत्पादन पर है. यह क्षेत्र काफी तेजी से उभर रहा है और फिलहाल इसमें चीन से आयात होने वाले सामानों का दबदबा है.

इस समय सारा संसार सौर उर्जा बनाने के प्रयास कर रहा है जिसमें भारत चीन और अमेरिका सबसे आगे चल रहे हैं. किन्तु अभी चीन से आयात अधिक हो रहा है. Mint को दिए साक्षात्कार में पतंजलि आयुर्वेद के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने कहा, ‘स्वदेशी आंदोलन के साथ हम सोलर सेक्टर में उतरने जा रहे हैं. सोलर के साथ भारत के हर परिवार को बिजली की आपूर्ति की जा सकती है और हम इसे पूरा करने के लिए ही इस क्षेत्र में हैं.’

बताया जा रहा है कि पतंजलि की योजना सोलर उपकरणों के उत्पादन में 100 करोड़ रुपये निवेश करने की है और ग्रेटर नोएडा में इसकी फैक्ट्री अगले कुछ महीनों के भीतर पूर्ण रूप से काम करना शुरू कर सकती है. इस साल की शुरुआत में ही पतंजलि ने नेविगेशन में मदद करने वाले उपकरण बनाने वाली कंपनी अडवांस नेविगेशन ऐंड सोलर टेक्नॉलजीज का अधिग्रहण किया. फिलहाल इस कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग कपैसिटी 120 मेगावॉट की है.

दिलचस्प बात यह है कि पतंजलि ऐसे नए क्षेत्रों में निवेश कर रही है, जिसमें उसकी अपनी अलग क्षमताओं से बड़ी मदद मिल सके. बाबा रामदेव की शानदार ब्रैंड पावर पतंजलि की सेल बढ़ाने में काफी मददगार हो सकती है. दूसरी तरफ, सरकार नवीकरणीय ऊर्जा के अपने उद्देश्यों को पूरा करना चाहती है, जबकि भारत में सोलर पावर इंडस्ट्री आगे बढ़ने के लिए काफी संघर्ष कर रही है.