दून शिशु निकेतन में बच्चों के शोषण और अत्याचार की होगी उच्चस्तरीय जांच!

उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष योगेंद्र खंडूरी ने सोमवार को राज्य सरकार से देहरादून के शिशु निकेतन और बालिका सदन में बालक-बालिकाओं के शोषण, अत्याचार और मानव तस्करी की घटनाओं के संबंध में उच्चस्तरीय जांच करने तथा दोषियों पर कार्रवाई करने को कहा है.

प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह को लिखे एक पत्र में खंडूरी ने कहा कि उत्तराखंड शासन द्वारा आयोग को भेजी गई गोपनीय रिपोर्ट में कई बिंदु सामने आए हैं, जिन पर उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है.

उन्होंने कहा कि अक्टूबर में भेजी गयी गोपनीय रिपोर्ट में शिशु सदन और बालिका निकेतन में बच्चों की देख-रेख में लापरवाही, बच्चों के शोषण एवं उनके खिलाफ आपराधिक षडयंत्र की बात कही गई है, जबकि कुछ बिंदुओं पर अन्तरराष्ट्रीय एवं अन्तरराज्यीय मानव तस्करी की ओर भी इशारा किया गया है.

खंडूरी ने कहा कि सात वर्षीय बालिका मौली के पैर जलने के मामले की जांच के अलावा अन्य किसी बिंदु पर जांच की आयोग को सूचना नहीं है. पांच मामलों को महत्वपूर्ण बताते हुए खंडूरी ने उनकी भी उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बतायी है.

आयोग के अध्यक्ष ने मुख्य सचिव से जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा उससे आयोग को अवगत कराने को भी कहा है.