उत्तराखंड के विकास के साथ ही GDP में भी योगदान दे सकते हैं किसान : मुख्यमंत्री

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रविवार को कहा कि किसान राज्य के विकास में बड़ा योगदान दे सकते हैं और छोटे-छोटे कृषि कार्य अपनाकर राज्य के विकास के साथ ही देश की जीडीपी में वृद्धि कर सकते हैं.

हरिद्वार जिले के रुड़की में ऋण मेले का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि उन्होंने इस मैदान पर पूर्व में वायदा किया गया था कि प्रदेश सरकार ऐसी योजना लाएगी, जिससे छोटे किसान लाभान्वित होंगे एवं कृषि से संबंधित कोई भी कार्य कर सकेंगे और आज ऋण वितरण कर इस वायदे को पूरा किया गया है.

उन्होंने कहा कि इस योजना के अच्छे परिणाम मिलने पर भविष्य में इस योजना के अंतर्गत किसानों के लिए ऋण सीमा बढ़ाई जाएगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान छोटे-छोटे कृषि कार्य अपनाकर प्रदेश के विकास व देश की जीडीपी वृद्धि में अपना योगदान दे सकते हैं. उन्होंने किसानों को बांस की खेती करने, दूसरे राज्यों से अच्छी नस्ल के दुधारू पशुओं का क्रय कर पशुपालन व्यवसाय को बढ़ाने के लिए भी प्रेरित किया.

अस्थायी राजधानी देहरादून में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए फसल बीमा योजना, खाद, बीज एवं पशुचारा आदि कम कीमत में उपलब्ध कराना जैसी योजनाएं चलाकर सरकार किसानों को फायदा पहुंचा रही है.

कार्यक्रम में हरिद्वार के 5176 किसानों को दो प्रतिशत ब्याज दर पर एक-एक लाख रुपये के ऋण के चेक का वितरण किया गया.

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि अभी तक राज्य में सरकार 43 हजार किसानों को दो प्रतिशत ब्याज दर पर एक-एक लाख रुपये का ऋण उपलब्ध करा चुकी है. राज्य सरकार ने 26 जनवरी 2018 तक हरिद्वार जिले के 30 हजार किसानों को ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है. यह ऋण तीन वर्ष के लिए दिया जा रहा है.