बैंक ढूंढ रहे हैं यह सस्ता लोन लेने के इच्छुक लोगों को, जल्दी करें…

सांकेतिक फोटो

सरकारी अफसरों की काहिली का आलम ये है कि पहले तो उन्होंने योजनाओं के बारे लोगों को जागरुक ही नहीं किया, ‌अब फटकार लगी तो बैंक इन स्कीमों का लाभ देने के लिए लोगों तलाश कर रहे हैं. अब बिना देर किए आप भी जल्दी बैंक जाकर इन स्कीमों का लाभ उठा सकते हैं.

उत्तराखंड में प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पहुंचाने में बैंकों की लापरवाही पर राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 63वीं बैठक में वित्त मंत्री प्रकाश पंत और मुख्य सचिव उत्पल कुमार नाराज हो गए.

वित्त मंत्री ने बैंकों को अपने रवैये में सुधार के निर्देश दिए, वहीं मुख्य सचिव ने भी सख्त लहजे में चेतावनी दी कि बैंक अगर काम नहीं करेंगे तो वित्त मंत्रालय से कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी. बैठक में बैंकों और विभिन्न विभागों से जुड़े तमाम मामलों पर मंथन किया गया.

गुरुवार को सुभाष रोड स्थित एक होटल में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 63वीं बैठक का शुभारंभ वित्त मंत्री प्रकाश पंत, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, संयुक्त सचिव सुचिंद्र मिश्रा, प्रमुख सचिव वित्त राधा रतूड़ी, आरबीआई के महाप्रबंधक सुब्रत दास, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार और नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डीएन मगर ने किया.

बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई. खासतौर पर प्रधानमंत्री मुद्रा लोन और प्रधानमंत्री जन आवास योजना पर काफी देर तक चर्चा चली. दोनों योजनाओं में राज्य के बैंकों का रुख बेहद उदासीन नजर आया. इस पर वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि बैंक अपना रवैया सुधारें. ज्ञात हो कि पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी मुद्रा लोन, आवास योजना में राज्य के बैंक 30 प्रतिशत टारगेट भी पूरा नहीं कर पाए हैं.

पंत ने कहा कि इन महत्वपूर्ण योजनाओं को जनता के बीच प्रचारित करें. उन्होंने आगामी एसएलबीसी की बैठक में बैंकों का प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए हैं.

इसके बाद मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने कहा कि अगर कोई बैंक इन योजनाओं में सुधार नहीं करता है तो उसके हेड ऑफिस से बात करने के साथ ही वित्त मंत्रालय से कार्रवाई की संस्तुति भी की जा सकती है, क्योंकि केंद्र सरकार की यह बेहद महत्वपूर्ण योजनाएं हैं.

वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि हमें राज्यभर में वित्तीय साक्षरता बढ़ाने की बेहद जरूरत है. बैठक में उन्होंने समाज कल्याण और शहरी विकास विभाग को भी अपनी कार्यप्रणाली दुरुस्त करने के निर्देश दिए.

वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के तौर-तरीकों पर भी वित्त मंत्री प्रकाश पंत नाखुश नजर आए. बैंकों ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए मुर्गी पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन जैसे विकल्प सुझाए थे, लेकिन मंत्री ने कहा कि यह नाकाफी हैं. हमें प्रमुखता से किसानों पर फोकस करके योजनाएं बनानी होंगी. किसानों को मिलने वाले फसल बीमा को भी उन्होंने नाकाफी बताया.