यूपी निकाय चुनाव : शबाना का आरोप निकला झूठा, मिले 87 वोट

लखनऊ, सहारनपुर में पार्षद की निर्दलीय प्रत्याशी शबाना ने दो दिन पहले निकाय चुनाव का परिणाम आने पर आसमान सिर पर उठा लिया था.जीरो वोट मिलने का दावा कर ईवीएम के खिलाफ माहौल बनाने वाली सहारनपुर में निकाय चुनाव की प्रत्याशी शबाना की पोल चुनाव आयोग की वेबसाइट ने खोली ही, खुद उसके पति ने भी जीरो वोट की बात का खंडन किया. शबाना के वीडियों को आप और सपा समर्थकों के साथ प्रशांत भूषण ने भी रिट्वीट किया था. ईवीएम को संदेह के घेरे में लाने वाली शबाना ने बताया कि नतीजे में उसको एक भी वोट नहीं मिला है, जबकि उसके घर से पांच लोगों ने उसको वोट दिया था.

उसके झूठ की पोल कल खुल गई, जब निर्वाचन आयोग ने सूची जारी की, जिसमें उसको 87 वोट मिले हैं.
निकाय चुनाव के परिणाम आने के बाद ईवीएम पर पर सवाल उठाने वाली सहारनपुर से पार्षद प्रत्याशी शबाना की पोल खुल गई है. उसने आरोप लगाया था कि उसे एक भी वोट नहीं मिला है. इसपर सवाल उठे कि आखिर उसका और उसके परिवार का वोट कहां गया. शबाना और उसके पति इकराम ने मीडिया में जब यह सवाल उठाया, तो इसके बाद यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.

उनके पति इकराम ने बताया कि उनके वार्ड में 387 से 391 तक 11 बूथ बने थे. परिवार ने वोट बूथ संख्या 388 में डाले थे. 390 में एक, 392 में नौ तथा 393 में दो वोट थे. इनको ईवीएम में दर्शाया भी गया था. नगर निगम चुनाव में एक पार्षद प्रत्याशी को जीरो वोट मिलने के मामले में नया मोड़ आ गया. प्रत्याशी पति ने 12 वोट मिलने की बात स्वीकार की है. साथ ही कहा कि जिस बूथ पर उनके घर की वोट थी, उस पर जीरो वोट निकली. उधर, जिला निवार्चन अधिकारी का कहना है कि प्रत्याशी को कुल 87 वोट मिले हैं.

इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस बयान को अपने ट्विटर हैंडल से रिट्वीट कर हवा दे दी. अब यह साफ हो गया है कि शबाना झूठ बोल रही थी. इसका सच निर्वाचन आयोग की सूची से सामने आ गया है. सहारनपुर जिले से वार्ड नंबर-54 पर पार्षद के पद पर चुनाव लड़ रही शबाना को जीरो वोट नहीं, बल्कि 87 वोट मिले हैं. उत्तर प्रदेश इलेक्शन कमिशन की वेबसाइट में यह पूरा आंकड़ा दर्ज है.

नगर निकाय चुनाव के नतीजे आने पर शबाना ने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा था, कि यह कैसे संभव है कि मेरा वोट भी मुझे नहीं मिला. कम से कम मेरा और मेरे परिवार को वोट तो मुझे मिलना चाहिए था. इससे पहले भी कई बार ईवीएम पर सवाल उठते रहे हैं. सहारनपुर के वार्ड नंबर-54 से पार्षद प्रत्याशी शबाना को काउंटिंग में पता चला कि उन्हें बूथ नंबर-387 और 388 पर एक भी वोट नहीं मिला है. शबाना ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए.

शबाना ने कहा कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है कि उनका अपना ही वोट उनको न मिला हो. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद थी कि कम से कम 900 वोट मिलेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि ईवीएम में गड़बड़ी हुई है तभी उनको बूथ पर एक भी वोट नहीं मिले. इससे पहले वोटिंग के दौरान भी ईवीएम में कई गड़बड़ी की शिकायतें आई थीं.