‘मुजफ्फरनगर द बर्निंग लव’ फिल्म को लेकर यूपी और उत्तराखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने एक फिल्म को दो राज्यों के कुछ जिलों में प्रदर्शित नहीं करने संबंधी प्राधिकारियों के मौखिक निर्देशों के खिलाफ दायर याचिका पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी किए.

‘मुजफ्फरनगर द बर्निंग लव’ एक हिन्दू लडके और मुस्लिम लडकी की प्रेम कहानी है और यह उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के 2013 के दंगों की पृष्ठभूमि पर आधारित है. यह फिल्म उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद और उत्तराखंड के हरिद्वार व बिजनौर के अलावा देशभर में पहले ही प्रदर्शित हो चुकी है.

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड की पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील को याचिका की प्रति दोनों राज्यों के वकीलों को सौंपने का निर्देश देने के साथ ही इसकी सुनवाई 11 दिसंबर के लिए निर्धारित कर दी.

इस फिल्म का निर्माण मोरना एंटरटेन्मेन्ट प्रा.लि. ने किया है और उसने याचिका में शीर्ष अदालत से अनुरोध किया है कि इन जिलों के अधिकारियों को बगैर किसी अडचन और बाधा के फिल्म के प्रदर्शन की अनुमति देने का निर्देश दिया जाए.

याचिका में कारोबार में हुए नुकसान की भरपाई के रूप में पचास लाख रुपये दिलाने के साथ ही इसके प्रदर्शन के दौरान समुचित सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है.

याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन जिलों के अधिकारियों ने गैरकानूनी और अनिधकृत रूप से सिनेमाघरों को यह फिल्म दिखाने के प्रति चेतावनी और धमकी दी है. यह फिल्म इस साल 17 नवंबर को प्रदर्शित होनी थी.