जानें, भारत की GDP को लेकर क्या कुछ कहते हैं अंबानी

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के अध्यक्ष और देश के सबसे धनी शख्स मुकेश अंबानी हैं ने कहा है कि भारत अगले सात सालों में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है और यह आंकड़ा साल 2030 में 10 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा भी पार कर सकता है. इसके आंकड़े के साथ ही भारत 21वीं सदी के मध्य में चीन को पछाड़ देगा. गौरतलब है कि बीते दिन केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने भी कहा था कि भारत आने वाले कुछ सालों में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा.

क्या कुछ बोले मुकेश अंबानी
एचटी लीडरशिप समिट में बोलते हुए रिलायंस इंडस्ट्री के चेयरमैन और एमडी मुकेश अंबानी ने कहा, “13 साल पहले जब मैं इस मंच से बोलने आया था तब भारत 500 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था थी. 2004 में मैंने कहा था कि 20 साल में भारत 500 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगी और आज मैं ये कह सकता हूं कि ये लक्ष्य 2024 के पहले ही ये हासिल हो जाएगा.

आज भारत की जीडीपी लगभग 2.5 ट्रिलियन डॉलर है. भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. हम दस साल में भारत की अर्थव्यवस्था को 7 ट्रिलियन डॉलर यानि तीन गुना कर सकते हैं. इतना ही नहीं हम 2030 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था भी बन सकते हैं. साथ ही हम भारत और चीन एवं अमेरिका के बीच के अंतर को कम कर सकते हैं.”

मुकेश अंबानी ने यहां पर कहा कि इस समय पूरी दुनिया की नजरें भारत पर, एक नए तेजी से उभरते हुए भारत की ओर हैं. ऐसे में हम कह सकते हैं कि आने वाले तीन दशक भारत के होंगे. मुकेश ने यहां पर कहा कि 17वीं शताब्दी में भारत और चीन दुनिया के सबसे विकसित देश थे. 300 साल तक दुनिया में पश्चिमी देशों का दबदबा रहा. लेकिन आज दुनिया के विकास की कमान एक बार फिर भारत औऱ चीन के हाथों में है.

चीन से आगे निकल जाएगा भारत: मुकेश अंबानी ने यहां पर एक भविष्यवाणी भी की. उन्होंने कहा कि मैं भविष्यवाणी करना चाहता हूं कि 21वीं सदी के मध्य तक भारत तरक्की के मामले में चीन से भी आगे निकल जाएगा. उन्होंने कहा कि भारत न सिर्फ चीन को पछाड़ देगा बल्कि भारत विश्व के लिए आकर्षण का केंद्र भी बन जाएगा.

भारत के विकास मॉडल पर बोलते हुए मुकेश ने कहा कि आगे आने वाले दिनों में देश का विकास मॉडल न केवल अलग होगा बल्कि यह औरों से बेहतर भी होगा. अंबानी ने कहा कि यह एक ऐसा मॉडल होगा जिसमें सबका विकास होगा और इस तकनीक, लोकतंत्र और सुशासन इस विकास का आधार होंगी.