रुद्रपुर : पुलिस की कार्यशैली को लेकर विधायक बैठे धरने पर

रुद्रपुर, वाराबफात के पूर्व निर्धारित शेड्यूल से अलग नई परंपराओं को डालने के खिलाफ एक वर्ग विशेष के लोगों ने शहर विधायक राजकुमार ठुकराल के साथ सीओ कार्यालय में धरने पर बैठ गए. कोतवाली के दस्तावेजों के मुताबिक छह गेटों की अपेक्षाकृत सात गेट बनाए गए थे, अतिरिक्त लगाए गए गेट को तुरंत हटाने और एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर पुलिस अफसरों से विधायक की तीखी नोंकझोंक भी हुई.

हालांकि पुलिस प्रशासन का दावा है कि जुलूस को नहीं निकालने दिया गया है. गेट को हटाने की दिशा में दूसरे वर्ग विशेष के कुछ लोग चिन्हित किए जा रहे हैं, उनके खिलाफ नोटिस की कार्रवाई की जाएगी.

शनिवार की सुबह करीब 10 बजे भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल के नेतृत्व में दर्जनों एक वर्ग विशेष के लोग सदर कोतवाली पहुंचे और उन्हें उनके ही कोतवाली में उपलब्ध रिकार्ड का हवाला देते हुए कहा कि अब तक पुरानी पंरपराओं के मुताबिक वराबफात का जुलूस केवल एक ही निकाला जाता रहा है जबकि आज नई परंपराओं का आगाज करते हुए एक वर्ग विशेष के लोगों ने दूसरा जुलूस प्रीत विहार फेस पांच फाजलपुर महरौला से निकालने की कोशिश की. हालांकि पुलिस ने इसकी शिकायत मिलते ही जुलूस को वापस कर दिया और दो दो, लोगों को पंरपरागत जुलूस में शामिल होने के लिए भेजा गया.

आरोप था कि यह वर्ग विशेष की शहर में सांप्रदायिक सौहार्द्ध बिगाडने की नीयत रही. इसी क्रम में सिब्बल सिनेमा के समीप एक नया गेट बना दिया गया. जिसकी कोई अनुमति नहीं थी. विधायक श्री ठुकराल ने कोतवाली में मौजूद एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा और सीओ स्वतंत्र कुमार से स्पष्ट कहा कि जब छह गेट बनाए जाते रहे हैं तो सातवां गेट क्यों? एक नई परंपरा डालकर शहर की शांत फिजां को भड़काने की साजिश क्यों? उन्होंने कहा कि इस तरह की एक वर्ग विशेष भावनाओं की आहत करने की कोशिशें हुईं तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

. विधायक ने जुलूस निकल जाने के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकता है. एसपी देवेंद्र पिंचा और एसडीएम रोहित मीणा से विधायक ने अपने समर्थकों का पक्ष रखते हुए कहा कि जब पुलिस गेट को गलत ढंग से बनाने की बात को स्वीकार कर रही है तो उस गेट को हटाने में क्या दिक्कत आ रही है. गेट को हटवाने और गेट को बनवाने वाले आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग पर प्रशासन की हीलाहवाली देख विधायक सीओ सिटी कार्यालय में धरने पर बैठ गए.

करीब आधा घंटे धरने के बाद जब कोई हल नहीं निकला तो विधायक ने अपना धरना सीओ कार्यालय के सामने शुरू कर दिया. धरने में विपिन शर्मा, बिट्टू, धीरेंद्र, सोनू अनेजा, चंद्रसेन कोली, महेंद्र आर्या, धर्मसिंह कोली, अमित कुमार, आत्माराम, दिनेश कोली, अनिल कोली, राजू गुप्ता, राजू श्रीवास्तव, अनूप वर्मन, सोनू कोली, कल्लूराम कोली, सुबोध सक्सेना, तिलक कोली, परस्पाल, भीमसेन गुप्ता, अजय यादव, आनंद शर्मा, अकिंत चंद्र, बंटी कोली, बबलू कोली आदि मौजूद रहे. समाचार लिखे जाने तक धरना जारी रहा.

विधायक राजकुमार ठुकराल ने एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा को दिए ज्ञापन कहा कि गत वर्ष भी वर्ग विशेष के कुछ लोगों ने नई परंपरा डाल जुलूस निकालने की कोशिश की थी. जिसे कामयाब नहीं होने दिया गया था. उस समय तनाव की स्थिति बन गई थी. पुलिस ने उस जुलूस को रुकवा भी दिया था. चेतावनी भी दी गई कि अगली बार इस तरह का कोई जुलूस नहीं निकाला जाएगा.