सामने आया 3000 साल पुराने महल का राज

तुर्की की सबसे बड़ी झील वान तली में एक प्राचीन महल की खोज की गई है. इसे तलाशने वाले पुरातत्वविदों के दल की माने तो तुर्की में मध्य पूर्व की दूसरी सबसे बड़ी झील की गहराई में मिला यह प्राचीन महल काफी हद तक अच्छी हालत में है. खोजकर्ताओं के दल के लोगों का कहना है कि स्थानीय लोगों ने कई बार ये अंदेशा जाहिर किया कि पानी के नीचे कुछ खास हो सकता है, लेकिन इस पर अधिकांश पुरातत्वविदों और संग्रहालय के अधिकारियों को यकीन नहीं था. वे वान झील में 10 साल से शोध कर रहे थे और यह महल मिलना उनके लिए भी अजूबा ही है.

शोधकर्ताओं का मानना है आगे भी पुरातात्विक अनुसंधान से इस महल के बनाने वालों और उस काल के बारे में अधिक जानने में मदद मिलेगी. इससे पहले भी झील के अंदर चार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र तक फैले स्टैलगमाइट्स यानि पत्थर की चट्टानें पायी गई थी. उससे इस साल शोधार्थियों ने झील में एक रूसी जहाज की भी खोज की थी जो 1948 में डूब हुआ बताया गया था.

विशेषज्ञों ने एक अनुमान के तहत इस महल के करीब 3000 साल पुराने होने की संभावना जताई है. उन्‍हें लगता है कि यह लुप्त हो चुकी उरारतु सभ्यता के लौह युग का अवशेष हो सकते हैं. ये काल जिसे वान साम्राज्य भी कहा जाता है, जो 9वीं से लेकर 6वीं शताब्दी ईसा पूर्व तक आधुनिक ईरान के पास से शुरू हुआ था.

ये महल करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है. इसकी दीवारों की ऊंचाई तीन से चार मीटर के बराबर है. खास बात ये है कि झील के क्षारीय पानी ने महल को काफी बेहतर स्थिति में बचा रखा है. किले के काफी हिस्‍से पत्थरों से बने हैं. अभी ये स्पष्ट नहीं है कि महल की दीवारे झील के तलछट में कितनी गहराई तक गईं हैं.