चमोली जिले में स्थित है रुद्रनाथ मंदिर, जहां होती है शिव की मुख पूजा

भारत को दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल कहना बिलकुल भी गलत नहीं होगा. हर राज्य के छोटे- छोटे क्षेत्रों में थोड़ी-थोड़ी दूर पर आपको कोई न कोई मंदिर के दर्शन हो ही जाएंगे. कहीं न कहीं ये बात भारत की धार्मिक विश्वास से जुड़ी सच्चाई से वाकिफ कराती है. हर मंदिरों को किसी न किसी कहानी व आश्चर्य से भी खूब अच्छी तरह जोड़ा गया है.

इन्हीं धार्मिक स्थलों व असामान्य मंदिरों में से एक है, उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थापित रुद्रनाथ का मंदिर.समुद्रतल से 3600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ मंदिर भव्य प्राकृतिक छटा से परिपूर्ण है.रुद्रनाथ मंदिर भगवान शिव जी का धार्मिक स्थल हे जो पंचकेदारों में से एक केदार कहलाता है.

इस मंदिर की सबसे रोचक बात यह है कि, इस मंदिर में भगवान शिव जी के मुख की पूजा होती है. इनके अन्य, बाकि बचे सम्पूर्ण शरीर की पूजा भारत के पड़ोसी देश नेपाल की राजधानी काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में की जाती है.
आपने कई ऐसे मंदिरों के दर्शन किये होंगे, जो भगवान शिव जी को समर्पित हैं, पर केवल उनके मुख की पूजा, शायद ही कहीं की जाती है और मंदिर से जुड़ा यही अनूठी बात इस मंदिर को सबसे अलग और रोचक बनाता है. यहाँ पूजे जाने वाले शिव जी के मुख को ‘नीलकंठ महादेव’ कहा जाता है.

मंदिर के पास वैतरणी कुंड में शक्ति के रूप में पूजी जाने वाली शेषशायी विष्णु जी की मूर्ति भी है. मंदिर के एक ओर पांच पांडव, कुंती, द्रौपदी के साथ ही छोटे-छोटे मंदिर मौजूद हैं. मंदिर में प्रवेश करने से पहले नारद कुंड है, जिसमें दर्शनार्थी स्नान करते हैं और उसी के बाद मंदिर के दर्शन करने पहुँचते हैं. रुद्रनाथ का समूचा परिवेश इतना अलौकिक है कि, यहां के सौन्दर्य को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है.