500 डिग्री कालेज व इन्टर कालेज जल्द जुड़ेंगे ई-लर्निंग से – धन सिंह रावत

यूओयू में शौर्य दिवार का अनावरण करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत

भारत छोडो आन्दोलन के 75 वर्ष पूर्ण होने पर उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय परिसर में शौर्य दीवार का अनावरण के साथ ही विश्वविद्यालय की वैबसाइड एवं ऐप का लोकापर्ण उच्चशिक्षा राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) डा0 धनसिह रावत ने किया.

कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुये डा0 धनसिह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड शूरवीरों की भूमि है जिनसे हमें प्रेरणा मिलती है. शौर्य दीवार अदम्य साहस पूर्ण योगदान की याद दिलाती है वही हमें गौरव व पे्ररणा का अहसास दिलाती है. उन्होने कहा क्वालिटी शिक्षा के लिए प्रधानाचार्यो एवं शिक्षाविदों के सेमिनार आयोजित किये जायेंगे व जनपदों के 13 डिग्री कालेजों में आएएस, आईपीएस, पीसीएस आदि अधिकारी व्याख्यान देंगे, साथ ही कालेजो मे 180 दिन पढाई अनिवार्य होगी.

उन्होने कहा सभी विश्वविद्यालयों मे प्राचार्यों की तैनाती कर दी गई है, चार माह के भीतर रिक्त असिस्टैंट प्रोफेसर की नियुक्ति की जायेगी. उन्होने कहा कि प्राइवेट परीक्षायें समाप्त की जा रही है. मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा ही प्राइवेट परीक्षायें आयोजित करायी जायेगी.

डा0 रावत ने कहा सभी विश्वविद्यालयों के दीक्षान्त समारेाह ड्रेस देशी परिधान में बनाई जा रही है. इस हेतु उन्होने सुझाव भी मांगे. उन्होने कहा कि 100 गरीब छात्र-छात्राओ को निशुल्क पीएचडी के साथ ही अनुसूचित जाति जनजाति के विद्यार्थियो को निशुल्क कोचिंग दी जायेगी. उन्होने कहा कि शीघ्र ही सभी विश्वविद्यालयों में कुल सचिव, रजिस्टार, डिप्टी रजिस्टार, वित्त अधिकारियों की पूर्णकालिक तैनाती भी कर दी जायेगी. फिलहाल प्रतिनियुक्ति पर उक्त अधिकारियों की तैनाती 40 दिन के भीतर की जायेगी.

डा0 रावत ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जायेगा. इस हेतु शिक्षा सत्र नियमन के साथ ही प्रोफेसरों की तैनाती, फर्नीचर, पुस्तकें आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी, 500 डिग्री कालेजों व इन्टर कालेजों को ई-लर्निंग से जोडा जायेगा. 2019 तक उत्तराखण्ड को शतप्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य भी रखा गया है. इस हेतु प्रत्येक डिग्री कालेज के छात्र द्वारा पांच निरक्षरों को साक्षर बनाया जायेगा. उन्होने कहा कि पुस्तक दान अभियान शीघ्र चलाया जायेगा जिसमें 10 लाख पुस्तकें एकत्र करने का लक्ष्य रखा जायेगा. स्वेच्छा से सभी प्रोफेसर एक दिन का वेतन पुस्तक दान हेतु देंगे.

उन्होने कहा कि चित्रा गाइड आदि सब बन्द की जायेंगी. सभी विश्वविद्यालयों में समाधान पोर्टल चालू किया जायेगा. उन्होने उच्चशिक्षा को और बेहतर बनाने हेतु बुद्धिजीवियों से सुझाव भी आमंत्रित किये है. उन्होने मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति की मांग पर हिमालयन अध्ययन केन्द्र बनाने हेतु प्रस्ताव देने को कहा.

कुलपति प्रो0 नागेश्वर राव ने कहा कि विश्वविद्यालय दुरस्थ शिक्षा हेतु वचनबद्ध है. उन्होने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा वैबसाइड व ऐप द्वारा शिक्षण सामग्री के साथ ही विश्वविद्यालय की अन्य गतिविधियों की पूर्ण जानकारियां दी जायेगी. उन्होने कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय में छात्रो की संख्या 40 हजार पहुच चुकी है.

विश्वविद्यालय द्वारा आठ क्षेत्रीय केन्द्र व 238 अध्ययन केन्द्र संचालित किये जा रहे है. पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री बच्ची सिह रावत द्वारा भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया गया. कार्यक्रम में कुलसचिव आरसी मिश्र, प्रो0 गिरिजा पाण्डे, जिला सहकारी बैक अध्यक्ष राजेन्द्र सिह नेगी, गजराज विष्ट, शान्ति भटट, विजय मनराल, संजय दुम्का, प्रदीप बोरा, के अलावा अनेक गणमान्य, छात्र-छात्राये मौजूद थे.