एनएच 74 स्कैम: डीपी सिंह का मेडिकल कराकर कोर्ट में किया पेश

रुद्रपुर, एनएच 74 स्कैम के आरोपी निलंबित पीसीएस अफसर डीपी सिंह की रिमांड अवधि पूरी होने पर उन्हें मेडिकल कराकर कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. रिमांड अवधि पर डीपी सिंह ने अपनी जुबान पर ताला लगाए रखा, लेकिन तीन दिन वह दहशत में रहे.एसआईटी ने तीन दिनों तक डीपी सिंह तक लंबी पूछताछ की. सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ने कुछ दस्तावेजों को पुनः प्रमाणित कराया, ताकि कोर्ट में यह साबित किया जा सके कि दस्तावेजों पर हस्ताक्षर डीपी सिंह के ही हैं.

कमीशन के बावत एसआईटी डीपी सिंह से कुछ भी नहीं उगलवा सकी. डीपी सिंह से खुद पुलिस कप्तान डा. सदानंद एस दाते तक ने कई बार पूछताछ की. एसआईटी के सूत्रों ने बताया कि डीपी सिंह रिमांड अवधि पर डरे सहमे से रहे. गौरतलब है कि कोर्ट ने एसआईटी के प्रार्थनापत्र पर डीपी सिंह को तीन दिन के रिमांड पर दिया था. इस दौरान एसआईटी ने डाटा एंट्री आपरेटर अर्पण को भी गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. एसआईटी अब बाजपुर क्षेत्र में हुए घोटाले की जांच कर रही है.

अभी गदरपुर, रुद्रपुर व किच्छा तहसीलों की जांच होना बाकी है. जिसमें कई अफसरों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होने की संभावना बनी हुई है. वहीं धोखाधड़ी करके कई गुना मुआवजा हासिल करने वाले किसानों से रिकवरी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. यहां बता दें कि पूर्व में एसआईटी एक अन्य पीसीएस अफसर भगत सिंह फोनिया समेत दस लोगों को एनएच घोटाले में जेल भेज चुकी है. एसआईटी के रडार पर अभी दो अन्य किसान हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.

तकरीबन 270 करोड़ के मुआवजा घोटाले की जांच अभी लंबी चलने की उम्मीद है. यदि पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की जाए तो घोटाला और बड़ा हो सकता है. एसआईटी की पूछताछ के दौरान निलंबित पीसीएस अफसर डीपी सिंह फफक फफक कर रो पड़े. एसआईटी के सवालों का दे पाने में असमर्थ महसूस कर रहे डीपी सिंह रो पड़े. कई बार उन्होंने सॉरी सर शब्द कह कर अपनी जान छुड़ाने की कोशिश की.