नशे के लिए दवाइयां और लोहा खाता था ये युवक…

मध्य प्रदेश स्थित सतना जिले के एक युवक के पेट से 263 सिक्के, डेढ़ किलोग्राम लोहे की कील, ब्लेड, ऊनी स्वेटर बनाने में इस्तेमाल होने वाला कू्रसिया (सूजा) व लोहे की चेन निकली. रीवा के संजय गांधी अस्पताल के डॉक्टरों की सात सदस्यीय टीम ने चार घंटे तक ऑपरेशन कर इसे निकाला. युवक को वेंटिलेटर पर रखा गया है डॉक्टरों का कहना है कि 72 घंटे बाद होने वाली जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.

अस्पताल अधीक्षक एपीएस गहरवार ने बताया कि यह पहला मामला है कि जब इतना लोहा किसी एक मरीज के पेट से निकला हो. हालांकि समय रहते ऑपरेशन होने पर उसकी जान बच गई है. युवक 18 नवंबर को पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल आया था. एक्सरे में पता चला कि उसके पेट में लोहे की कील व सिक्के हैं. युवक सेफ्टीसीमिया (एक तरह का संक्रमण) से पीडि़त था. उसके पूरे शरीर में इंफेक्शन फैल गया था.

सतना के सोहावल गांव निवासी समसुद्दीन का पुत्र मो. मकसूद अहमद (28) ऑटो चालक है. वह नशे के लिए न सिर्फ दवाइयां लेता था, बल्कि लोहे के सामान भी खाता था. परिजनों ने बताया कि पेट में दर्द होने पर उसे सतना जिला अस्पताल में दिखाया. वहां डॉक्टरों ने टीबी होने की बात कहकर इलाज भी किया.

बाद में उसे रीवा मेडिकल कॉलेज के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया.वरिष्ठ मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अजय तिवारी ने बताया, ‘यह न्यूरोसाइकोलॉजिकल डिस्आर्डर है. इससे पीडि़त व्यक्ति कील, कांच, मिट्टी व अन्य ऐसी सभी चीजें खा सकता है.