पाक में टेलीविजन चैनलों के प्रसारण पर लगी रोक, ये है वजह

इस्लामाबाद|…. पाकिस्तान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शन ने हिंसक रुख अख्तियार कर लिया. सुरक्षा बलों द्वारा कट्टरपंथियों को नियंत्रित करने की कोशिश में एक पुलिस जवान सहित 6 लोगों की मौत हो गई. झड़पों में 200 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. हालात बेकाबू होने पर सरकार ने शनिवार को सेना बुला ली. प्राइवेट टीवी चैनलों का प्रसारण रोक दिया है और फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया को ब्लॉक किया गया है. इसके बाद भी अन्य शहरों में हिंसात्मक प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.

पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ के घर की ओर जाने वाले सभी रास्तों की बैरिकेडिंग कर दी गई है. वहां भारी संख्या में पुलिस के एलिट कमांडो तैनात किए गए हैं. सेना प्रमुख कमर बाजवा ने प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी से समस्या का शांतिपूर्ण हल निकालने को लेकर चर्चा की.

गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, शांति बहाली के लिए अनिश्चितकाल तक सेना तैनात रहेगी. सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 245 के तहत यह कदम उठाया है. हालात से निपटने में नाकाम गृह मंत्री इकबाल ने यह कहकर खीज निकाली कि इसके पीछे भारत का हाथ है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी भारत के संपर्क में थे और सरकार इसकी जांच कर रही है.

बीते कई दिनों से सड़क जाम किए कट्टरपंथियों के खिलाफ बल प्रयोग से सरकार कतरा रही थी. शुक्रवार को इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने सड़क जाम हटाने संबंधी आदेश का पालन नहीं कराने पर देश के गृह मंत्री अहसान इकबाल के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी कर दिया.

इसके बाद सरकार को सुरक्षा बलों को उतारने पर मजबूर होना पड़ा. सुरक्षाबल के आठ हजार से अधिक जवान और अधिकारी सड़कों पर उतारे गए. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने का अभियान शुरू किया और आंसू गैस के गोले छोड़े.

तहरीक-ए-लबाइक, सुन्नी तहरीक पाकिस्तान आदि संगठनों के दो हजार से अधिक आंदोलनकारियों ने पिछले दो सप्ताह से रावलपिंडी-इस्लामाबाद और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को जोड़ने वाली सड़क पर कब्जा कर रखा था. प्रदर्शनकारी कानून मंत्री जाहिद हमीद के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

कानून मंत्री ने 2017 के निर्वाचन विधेयक में अल्लाह के नाम पर शपथ लेने संबंधी कानून में बदलाव कर दिया था. सरकार कानून में बदलाव कर शपथ को पूर्ववत कर चुकी है. लेकिन कट्टरपंथियों ने कानून मंत्री को हटाए जाने तक पीछे हटने से इन्कार कर दिया.

पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, 200 से ज्यादा घायलों को इस्लामाबाद और रावलपिंडी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. इनमें प्रदर्शनकारियों की पत्थरबाजी में 95 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं. दर्जनों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है.

इस्लामाबाद में चल रहे विरोध-प्रदर्शन के समर्थन में कराची, लाहौर, रावलपिंडी और पेशावर में भी आंदोलन शुरू हो गया है. प्रदर्शनकारियों ने कराची से बंदरगाह जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया है. वहीं प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता मलिक अहमद खान के मुताबिक, लाहौर के पूर्वी क्षेत्र में भी समर्थकों ने तीन सड़कों को जाम कर दिया है.