क्या दयाल सिंह कॉलेज का नाम बदल जाएगा?

चंडीगढ़, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रदेश प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि वे दिल्ली के दयाल सिंह इवनिंग कॉलेज का नाम बदल कर वंदे मातरम कॉलेज करने के मामले में पहल करें. उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व कॉलेज का नाम बदलने का प्रयास कर रहे हैं. इससे लोगों में साप्रदायिक तनाव बढ़ेगा.

पत्र में उन्होंने लिखा है कि देश में सरदार भगत सिंह, महात्मा गाधी जैसे तमाम पहापुरुषों के नाम पर शैक्षणिक संस्थाएं चल रही हैं. दयाल सिंह देशभक्त थे और उन्होंने 1895 में एजुकेशनल ट्रस्ट की स्थापना करने के लिए अपना सब कुछ दाव पर लगा दिया था. 1910 में दयाल सिंह कॉलेज की स्थापना लाहौर में की गई थी.

बंटवारे के बाद दयाल सिंह कॉलेज करनाल व दिल्ली में स्थापित किया गया. दिल्ली यूनिवर्सिटी से भी इसका संबंध रहा है. दिल्ली यूनिवर्सिटी के साथ इस संबंध में किए गए करार के अनुसार कॉलेज का नाम दयाल सिंह के नाम पर ही रहने की सहमति दी गई थी.

अब गर्वनिंग बॉडी के कुछ सदस्य इसका नाम वंदे मातरम विद्यालय करने की साजिश कर रहे हैं. उन्होंने माग की है कि वंदे मातरम के नाम पर नया विवाद पैदा करने की कोशिश की जा रही है. दयाल सिंह मजीठिया ने द ट्रिब्यून व पंजाब नेशनल बैंक की स्थापना की थी. इसलिए ऐसे देशभक्त के नाम पर चल रहे कॉलेज के नाम को बदलने के मामले में प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप करके विवाद खत्म करवाना चाहिए.