तो इस वजह से गुजरात चुनाव में प्रचार नहीं करेंगे सीएम केजरीवाल

गुजरात के आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने चुनिंदा सीटों पर ही अपने उम्मीदवार उतारे हैं. खास बात यह है कि पार्टी के संयोजक व दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल गुजरात में पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार नहीं करेंगे. पार्टी सूत्रों की मानें तो पार्टी ने खास रणनीति के तहत केजरीवाल को प्रचार से दूर रखने का फैसला किया है.

हालांकि पार्टी स्थानीय स्तर पर घर-घर जाकर प्रचार करते हुए अपने वोट बैंक को मजबूत करेगी. हालांकि दिल्ली के मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल राय का कहना है कि गुजरात चुनाव में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने घर-घर जाकर वोट मांगने की रणनीति अपनाई है. इसलिए केजरीवाल गुजरात में चुनाव प्रचार नहीं करेंगे.सियासी पंडितों के मुताबिक केजरीवाल के प्रचार नहीं करने से कांग्रेस को फायदा हो सकता है, जबकि भाजपा को नुकसान.

इसकी वजह है कि मोदी के खिलाफ प्रचार करने से अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा को ही फायदा होता है.सही मायने में तो आम आदमी पार्टी कम सीटें लड़कर कांग्रेस को ही फायदा पहुंचा रही है. एक तरह से आप ने गुजरात में पहले से ही हथियार डाल दिए हैं. भाजपा को हराने के लिए ही आम आदमी पार्टी ने यह रणनीति अपनाई है. पार्टी को अहसास हो गया है कि प्रदेश में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच है.

कांग्रेस को पाटीदार नेता हार्दिक पटेल का समर्थन मिलने से कांग्रेस मजबूत होती नजर आ रही है. ऐसे में केजरीवाल प्रचार करते हैं तो वोटों का बंटवारा होगा और इसका फायदा भाजपा को होना तय है. इस बीच, केजरीवाल के गुजरात से दूर रहने से कांग्रेस की बांछे खिल गई हैं. बता दें कि आम आदमी पार्टी गुजरात की 182 विधानसभा सीटों में से सिर्फ 33 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. अब तक पार्टी अपने उम्मीदवारों की तीन सूचियां जारी कर चुकी है.