रुड़की : ग्राहक बन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पहुंची एआरटीओ कार्यालय

रुड़की, शुक्रवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नीतिका खंडेलवाल ने एआरटीओ कार्यालय पर छापा मारा. वह एआरटीओ कार्यालय सुबह करीब 11 बजे ग्राहक बनकर पहुंची.उनके खिड़की से कर्मचारी से फार्म मांगने पर कर्मचारी ने फार्म न होने का हवाला देते हुए सामने बैठे एक दलाल की दुकान में फार्म मिलनें की बात कही. ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने दलाल के पास जाकर 2 रुपए में बिकने वाला फार्म 5 रुपए में खरीदा और लाइसेंस बनवाने की कीमत पता की.

जिसका दलाल द्वारा 2400 रुपए बताया गया. वैसे लाइसेंस बनबाने की असल फीस 1390 रुपए है. एआरटीओ शैलेश तिवारी की नजर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पड़ने पर वो उन्हें पहचान गए. कार्यालय में खबर पहुचने पर सभी कर्मचारी हरकत में आ गए. वहीं जिस दलाल से जेएम ने फार्म खरीदा था, वह दलाल चुपचाप अपनी दुकान बंदकर के वहां से फरार हो गया. इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के आदेश पर दुकान का ताला तोड़ा गया तो उसके अंदर से बहुत लोगों के भरे हुए फार्म और बने हुए लाइसेंस बरामद हुए.

जिस पर उन्होंने एआरटीओ को जमकर लताड़ लगाई और पूछा कि यह फार्म और लाइसेंस सरकारी कार्यालय के बजाय दलाल के दुकान में क्या काम कर रहे हैं.वह उसका कुछ स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए. वहीं ज्वाइन मजिस्ट्रेट ने सारे फार्म और लाइसेंस के साथ फोटो स्टेट मशीन आदि अपने कब्जे में ले लिया. वहीं बाद में पता लगा कि जो कर्मचारी फार्म खिड़की पर बैठा था. वह कार्यालय का चौकीदार है. इस संबंध् में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नीतिका खंडेलवाल का कहना है कि एआरटीओ को निर्देश दिए कि कर्मचारियों पर कार्रवाई करें.