देश के ग्रामीण परिवारों को डिजिटल इंडिया से जोड़ने का लक्ष्य: हरबंश कपूर

देहरादून, नगर निगम सभागार में विधायक कैन्ट हरबंश कपूर की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान उत्सव (पी.एम.जी दिशा) कार्यशाला का अयोजन किया गया.कार्यशाला में विधायक कैन्ट हरबंश कपूर ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी ने हमारे तौर-तरीकों को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है तथा आज हमारा बिना इन्टरनेट के काम चलना मुश्किल हो रहा है.

उक्त डिजिटल साक्षरता अभियान केन्द्र सरकार द्वारा चलाया जा रहा है, जिसमें मोदी जि का लक्ष्य है कि देश के 6 करोड़ ग्रामीण परिवारों को डिजिटल साक्षर करना है, जिससे वे ऑनलाईन टिकट बुकिंग एवं ऑनलाईन खरीदारी कर सके. उन्होने कहा कि मोदी जी का सपना है कि ग्रामीणों को डिजिटल साक्षर कर उन्हे आगे बढाना है, ताकि प्रत्येक ग्रामीण अपना काम स्वयं कर सकें.

उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अपने बहुत से कार्यों के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर काटने शहर आना पड़ता है, वे डिजिटल साक्षरता के माध्यम से अपने सभी कार्य घर बैठे स्वयं कर सके.सरकारी कार्मिक अथवा सामान्य जनता सबको डिजिटल में साक्षर होना होगा तभी हमारा देश हर तरह से प्रगति करेगा और देश के प्रधानमंत्री का भी यही सपना है कि देश का हर एक नागरिक सक्षम बने.

इस अवसर पर जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन ने कहा कि आज से लगभग 30 वर्ष पूर्व साक्षरता अभियान चलाया जाता था और आज साक्षर व्यक्तियों को डिजिटल साक्षरता से जोड़ने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है उन्होने कहा कि समय की मांग है कि जब आज दुनिया इन्टरनेट पर बहुत अधिक निर्भर होती जा रही है तथा सभी जानकारी इस पर रहती है तो यह जरुरी हो जाता है कि सब लोग यह जाने कि मोबाइल, कम्प्यूटर, इन्टरनेट पर किये जाने वाले विभिन्न कार्यों को सीखा जाये.

कार्यशाला में कामन सर्विस सेन्टर के ललित बोरा ने योजना के विषय में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि उक्त योजना 14 से 60 वर्ष तक के आयु की महिला -पुरूष के लिए है जिनकी शैक्षिक योग्यता 7 वीं पास हो.इस कोर्स की अवधि 10 दिन से 20 दिन तक निर्धारित की गयी है, इसमें सीख जाने के पश्चात प्रत्येक ग्रामीण इन्टरनैट एवं फोन तथा फेसबुक चलाने में दक्ष होगा.

कार्यक्रम का आयोजन सी.एस.सी ई गर्वनेन्स सर्विस इण्डिया लि0 द्वारा किया गया तथा इस अवसर पर प्रक्षिशु आई.ए.एस अनुराधा, उप जिलाधिकारी, वीर सिंह बुदियाल, सहित विभिन्न विभागों के जनपदीय अधिकारी, कार्मिक सहित आमजन उपस्थित थे.