4 करोड़ से बने इस प्लेन को 6 साल बाद मिली उड़ान भरने की इजाजत

आखिरकार डीजीसीए( उड्डयन नियामक डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने देश मे बने पहले 6 सीटर विमान को रजिस्टर कर ही दिया. अब इस प्रक्रिया के बाद विमान के परीक्षण उड़ान का रास्ता साफ तो हो ही गया है. साथ ही देश मे अब स्वदेशी विमान बनाने के सपने का मार्ग भी खुल गया है. खासबात है कि इस कोशिश में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मिली मदद के लिए इस विमान का नाम वीटीएनएमडी (विक्टर टैंगो नरेंद्र मोदी देवेंन्द्र) रखा गया है.

मुंबई के रहने वाले कैप्टन अमोल यादव ने साल 2009 में ही कांदिवली में बिल्डिंग के छत पर ही तकरीबन 4 करोड़ खर्च कर 6 सीटों वाला हवाई जहाज बनाया था. साल 2016 में मुंबई में मेक इन इंडिया के तहत उसे प्रदर्शित भी किया गया लेकिन परीक्षण उड़ान की अनुमति साल 2011 से लटकी पड़ी थी. आखिरकार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निवेदन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हस्तक्षेप किया तब जाकर रजिस्ट्रेशन हो सका. इसके चलते पायलट ने अपनी पूरी मेहनत दोनों के नाम समर्पित कर दी.

कैप्टन बताते है ये कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की कोशिश का ही नतीजा है कि उनका सपना सच होने को है, इसलिए अपने विमान को दोनों का नाम दिया है. कैप्टन अमोल यादव ने कहा कि देश में बने विमान के रजिस्ट्रेशन का कोई नहीं था. इसके चलते जो काम तीन दिन में होना चाहिए था उसके लिए 6 साल लग गए. अब जल्द ही बाकी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद परीक्षण उड़ान की इजाजत मिलते ही उनका विमान हवा में उड़ान भरेगा.