पहली बार सुखोई फाइटर जेट से हुआ ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण

भारतीय वायुसेना को एक बड़ी सफलता मिली है. पहली बार ब्रहमोस क्रूज़ मिसाइल का सुखोई-30 MKI लड़ाकू विमान से सफल परीक्षण किया गया है. मिसाइल ने समुद्र में स्थित टारगेट को बंगाल की खाड़ी में सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया. रक्षा मंत्रालय ने कहा है, ‘पहला ब्रहमोस एयर लॉन्च क्रूज़ मिसाइल का सुखोई-30 MKI से सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया.

इससे वायुसेना की मारक क्षमता बढ़ेगी.’ इसे एयर टू लैंड के लिये विकसित किया गया है, जिसका बुधवार को सफल परीक्षण किया गया. ब्रह्मोस मिसाइल एक कम दूरी की सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल है. जिसे भारत में ही रूस के सहयोग से बनाया जा रहा है.

इस मिसाइल को पनडुब्बी, नौसेनिक जहाज, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है. इसकी खासियत ये है कि यह कम ऊंचाई पर तेजी से उड़ान भरती है और रडार की पकड़ में आने से बच जाती है. ब्रह्मोस का पहल सफल लॉन्च 12 जून, 2001 को हुआ था. इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की मस्कोवा नदी पर रखा गया है.