सुनील राठी तक कारोबारियों के नंबर पहुंचाने वाले व्यक्ति की जांच में जुटी पुलिस

रुड़की, कनखल के किराना कारोबारी राम प्रकाश और प्रोपर्टी डीलर प्रद्युम्न अग्रवाल की सुनील राठी से जेल में मुलाकात शहर में चर्चा का विषय बन गई है. हरिद्वार जेल में बंद सुनील राठी ने दोनों कारोबारियों से जेल में मुलाकात की. किराना कारोबारी और प्रोपर्टी डीलर और कनखल के एक कांग्रेसी नेता के मोबाइल नंबर सुनील राठी तक कैसे और किस व्यक्ति ने पहुंचाये ये बड़ा सवाल है.

पुलिस उस कड़ी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है. हालांकि इस प्रकरण में दोनों ही कारोबारियों ने मुलाकात एक ही व्यक्ति सुनील राठी ने की हैं. आखिर इस मुलाकात के पीछे की वजह क्या है. सुनील राठी ने जेल परिसर से ही फोन किया. जेल में बंद सुनील राठी अपना नेटवर्क चला रहा है इस बात की तफतीस तो कारोबारी कर रहे है. अपराध जगत का बड़ा नाम सुनील राठी का खौफ हरिद्वार के तमाम कारोबारियों के दिलों में समाया हुआ है और वह रंगदारी वसूलने में माहिर है. वह खौफ का वातावरण तैयार करने के बाद कारोबारियों से भारी भरकम रंगदारी वसूलता है. इस रंगदार का नाम हरिद्वार में एक बार फिर सुर्खियों में है.

इस बार कनखल के प्रोपर्टी डीलकर प्रद्युम्न अग्रवाल और किराना कारोबारी रामप्रकाश के अलावा रियल स्टेट के कारोबार से जुड़ा एक कांग्रेसी नेता सुनील राठी के निशाने पर रहे. इन सभी को सुनील राठी ने हरिद्वार जेल में बंद होने के दौरान मिलने की धमकियां दी. जिसके बाद किराना कारोबारी रामप्रकाश और प्रद्युम्न अग्रवाल ने जेल में पहुंचकर सुनील राठी से मुलाकात की. प्रद्युम्न अग्रवाल को रामप्रकाश के पैंसे लौटाने की एवज में धमकी दी गई. जबकि रामप्रकाश को कनखल में खून की होली खेलने की धमकी दी गई. जब दोनों को धमकी मिली तो वह दहशत में आ गये. दहशत इतनी की दोनों पीड़ित पुलिस के पास जाने की वजाय सीधे सुनील राठी के पास जेल में पहुंच गये.

जब पुलिस ने हरिद्वार के एक पीड़ित अंबरीश की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की तो सुनील राठी के कारोबारियों में दहशत की परते खुलनी शुरू हो गई. पीड़ित रामप्रकाश में भी साहस आया और वह पुलिस के पास प्रद्युम्न अग्रवाल के नाम की शिकायत लेकर सुनील राठी के नाम से धमकी मिलने का प्रार्थना पत्रा पुलिस को देकर आया. ऐसे में पुलिस कारोबारियों के नंबर जेल में बंद सुनील राठी तक पहुंचाने वाले बीच के आदमी की तलाश कर रही है. पुलिस केस की कड़िया मिलाने में लगी है.

एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि सुनील राठी का नेटवर्क जेल से ही चल रहा था. जब शिकायते आ गई है तो सुनील राठी और नंबर पहुंचाने वाले बीच के इस आदमी की तलाश की जा रही है. पुख्ता सबूत जुटाये जा रहे है. पुलिस को काफी सफलता मिल रही है.