मेरठ: आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के विरोध में सड़क पर उतरे व्यापारी

मेरठ, मेरठ के सूरजकुंड में लोहे की ढलाई का व्यापार करने वाले  आरएसएस के बेहद सक्रिय कार्यकर्ता सुनील गर्ग की हत्या के विरोध में भाजपा नेता सड़क पर उतर आए और प्रदेश सरकार तथा जिला व पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया.

व्यापारियों ने सुनील गर्ग के अपहरण और फिर निर्मम हत्या के विरोध में सोमवार  सुबह से ही बाजार बंद रखा और धरने पर बैठे. इन्होंने जिला तथा पुलिस के विरोध में जमकर नारेबाजी की. धरने से उठाने के लिए पहुंचे एडीएम सिटी और एसपी सिटी की व्यापारियों ने एक न सुनी और उन्होंने डीएम और कप्तान को मौके पर बुलाने की मांग कर दी.

व्यापारी नेता विनीत अग्रवाल शारदा, सुनील भराला ने अधिकारियों को दो टूक कह दिया कि इस चुनाव के बाद डीएम को मेरठ से भगा दिया जाएगा. यहां पर स्थिति नाजुक होते देख क्षेत्र में आरएएफ की एक टुकड़ी तैनात कर दी गई है.व्यापारियों का आक्रोश बढ़ता देख डीएम समीर वर्मा और एसएसपी मंजिल सैनी मौके पर पहुंचे तो वहां पर धरनारत व्यापारियों और नेताओं ने उन्हें भी सड़क पर ही अपने पास बिठा लिया.यहां व्यापारियों ने मांग रखी कि इस हत्याकांड के आरोपी जल्द पकड़े जाएं और उन पर रासुका लगाई जाए.

परिवार को तत्काल दो गनर मुहैया कराया जाए, शस्त्र लाइसेंस बनाया जाए. इन्होंने परिवार के एक व्यक्ति की सरकारी नौकरी की भी मांग की. डीएम ने तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने और आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया. इसके साथ ही दूसरी मांगों को शासन तक पहुंचाने और अमल कराने का वादा किया. इसके बाद ही व्यापारी धरने से उठे और जाम खुला.

गौरतलब है कि सुनील गर्ग कल शाम घर से निकले थे, काफी देर तक उनका पता नहीं चला तो खोजबीन शुरू की गई. देर रात उनका शव बंद बोरे में यहां पर बसपा कार्यालय के निकट मिला था. वह कल भाजपा के नगर निगम प्रत्याशी का चुनाव प्रचार करने में लगे थे. दोपहर तक सूरजकुंड वार्ड से भाजपा से पार्षद का चुनाव लड़ रहे अंशुल गुप्ता के साथ चुनाव प्रचार किया. इसके बाद घर चले गए थे. रविवार  शाम सवा चार बजे पत्नी रश्मि से थोड़ी देर में आने की बात कहकर घर से बाइक पर सवार होकर निकले थे.

पुलिस अधीक्षक मानसिंह (शहर) ने बताया कि मृतक के चेहरे पर धारदार हथियार से हमले के निशान मिले हैं. उनकी मोटरसाइकिल एक पार्किंग से बरामद कर ली गई है. हत्या होने से पहले वह कहां-कहां गए और किन लोगों से मिले इसकी जानकारी एकत्र की जा रही है. जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे. यूपी से पहले पंजाब में कई आरएसएस कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई. बीते महीने अमृतसर में हिंदू सुरक्षा समिति के नेता विपिन कुमार को सरे बाजार गोलियों से भून दिया गया था. पूरी वारदाता सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी.