प्रणब मुखर्जी ने इंदिरा गांधी को किया याद, बोले- वो कभी हकीकत से नहीं भागीं

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इंदिरा गांधी को एक महान राजनेता और भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री बताते हुए रविवार को कहा कि उन्होंने कभी भी हकीकत से मुंह नहीं मोड़ा.

पूर्व राष्ट्रपति उनकी 100वीं जयंती पर कोलकाता में बिधान मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में इंदिरा गांधी स्मृति भाषण दे रहे थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस नेता सोमेन मित्रा ने की.

मुखर्जी ने कहा कि यह बात देश में लागू आपातकाल के तीन साल बाद वर्ष 1978 में ब्रितानी संवाददाताओं के एक समूह के साथ उनकी बातचीत में साबित भी हुई.

उन्होंने कहा, ‘नवंबर 1978 में जवाहर लाल नेहरू की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए वह लंदन गई थीं और मुझे पता चला कि ब्रिटेन में सभी बड़े अखबार यह लिख रहे थे कि उन्हें महत्व नहीं दिया जाना चाहिए और वे उन्हें फासीवादी एवं वंशवादी महिला बता रहे थे.’

पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि जैसे ही वे हीथ्रो हवाईअड्डा पहुंचे तो उन्हें हवाईअड्डे के कर्मचारियों ने दूसरे निकास द्वार से जाने के लिए कहा, क्योंकि कई संवाददाता इंदिरा से मिलने के लिए मुख्य द्वार पर इंतजार कर रहे थे. लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया.

मुखर्जी ने कहा, ‘जैसे ही हमने उनका सामना किया, पत्रकारों ने तेज आवाज में उनसे पूछा कि आपातकाल की घोषणा कर उन्हें क्या मिला. इस पर इंदिरा जी ने जवाब दिया कि हमें लोगों के विशाल वर्ग ने अलग-थलग कर दिया. इंदिरा जी के इस जवाब से सभी मीडियाकर्मी मुस्करा दिए और इस तरह रिश्तों में जमी बर्फ पिघल चुकी थी.’ उन्होंने उस घटना को याद करते हुए कहा, ‘इंदिरा जी ने कभी हकीकत से मुंह नहीं मोड़ा.’