गुजरात चुनाव 2017 : अब भाजपा में उठ रही है बगावत की लहर

गुजरात चुनाव अपने चरम पर हैं. ऐसे में पार्टियों में गठबंधन, सहयोग और जोड़-तोड़ के बीच उम्मीदवारों के नाम की भी घोषणा की जा रही है. शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीवारों की पहली लिस्ट जारी की. लेकिन ये लिस्ट जारी होते ही पार्टी में कई लोग नाराज हो गए हैं. कई नेता टिकट न मिलने से बेहद खफा हो गए हैं.

नाराजगी इस हद तक बढ़ गई की उन्होंने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघानी को तत्काल प्रभाव से अपने इस्तीफे तक सौंप दिए. लेकिन इसी के तुरंत बाद नाराज पार्टी नेताओं को मनाने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मोर्चा संभाल लिया. अमित शाह शुक्रवार देर रात गुजरात भाजपा के दफ्तर में डैमेज कंट्रोल की हर मुमिकन कोशिश करते रहे. हालांकि उनकी कोशि किस हद तक सफल हुई है इस बारे में अभी जानकारी नहीं है.

बता दें कि पहली सूची आने के बाद शाम तक ही पार्टी में इस्तीफे का सिलसिला शुरू हो गया था. इनमें अंकलेश्वर विधानसभा सीट पर भाई ने ही अपने भाई के टिकट का विरोध किया.टिकट का ऐलान होने के बाद भरुच जिला पंचायत के सदस्य वल्लभ पटेल ने पार्टी से इस्तीफा दिया. इस्तीफा देने वाले वल्लभ पटेल, ईश्वर पटेल के सगे भाई हैं.

अंकलेश्वर सीट से वल्लभ पटेल ने भी टिकट की मांग की थी. दशरथ पुवार ने जिला भाजपा के महामंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. वडोदरा में भी दिनेश पटेल को टिकट दिए जाने से पार्टी में बगावत होने लगी. पादरी जिला पंचायत और तहसील पंचायत के नेता कमलेश पटेल ने इस्तीफा दिया है. वहीं वडोदरा जिला महामंत्री चैतन्य सिंह झाला ने भी पार्टी को इस्तीफा दे दिया.

हाल ही में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए भोलाभाई गोहिल भी नाराज हैं और वो इस बारे में आज जीतु वाघानी से मुलाकात करेंगे. उन्होंने जसदण सीट से टिकट मांगा था, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया. जबकि वो इस सीट से कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं. इतना ही नहीं गोहिल ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की थी, लेकिन इस सीट से भरत बोगरा को टिकट दिया गया.