भारतीय सिनेमा जगत के पितामह को गूगल ने स्पेशल डूडल बनाकर किया याद

गूगल इन दिनों अपने नए अंदाज़ के लिए सुर्खियों में है, गूगल अपने होम पेज पर किसी मशहूर हस्ती और खास दिन को सेलिब्रेट करने के लिए डूडल बनाता है. इसी कड़ी में गूगल ने आज भारतीय सिनेमा जगत की मशहूर हस्ती रहे वी. शांताराम की याद में डूडल बनाया.आज वी. शांताराम का 116वां जन्मदिवस है. इस खाश मौके पर गूगल ने एक खास डूडल बनाकर उनको समर्पित किया है.

गूगल की द्वारा बनाए गए डूडल में शांताराम की तीन ब्लॉकबस्टर फिल्मों की झलक मिलती है. जिनमें 1951 में बनी अमर भोपाली, दूसरी 1955 में बनी ‘झनक झनक पायल बाजे’ जिसमें नृत्यांगना की छवि दिखाई गई है. इसके बाद तीसरी तस्वीर 1957 में बनी ‘दो आंखें बारह हाथ’ की  है.

वी. शांतारामका जन्म 18 नवंबर 1901 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हुआ था. वी. शांताराम उनका असली नाम नहीं था बल्कि उनका नाम राजाराम वानकुदरे शांताराम था शांताराम बचपन से ही फिल्मों में काम करना चाहते थे लेकिन उन्हें बचपन में यह मौका नही मिला पाया था.

आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी. बचपन से ही उनकी रूचि फिल्मों में थी ओर था और वे फिल्मकार बनना चाहते थे. वर्ष 1920 के शुरुआती दौर में वी. शांताराम बाबू राव पेंटर की महाराष्ट्र फिल्म कंपनी से जुड़ गए और उनसे फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखीं.

फिर सन 1929 में उन्होंने प्रभात कपंनी फिल्मस की स्थापना की, प्रभात कंपनी के बैनर तले वी शांतराम ने ‘गोपाल कृष्णा’, ‘खूनी खंजर’, ‘रानी साहिबा’ और ‘उदयकाल’ जैसी कई बेहतरीन फिल्में बनाईं. उन्होंने अपने छह दशक लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने लगभग 50 फिल्मों को निर्देशित किया. फिल्मकार वी. शांताराम 30 अक्टूबर 1990 को इस दुनिया से विदा हो गये.